अध्याय 3
श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर बोहन में कार्तिक महात्म्य व्रत कथा का तीसरा अध्याय: जानिए क्यों भगवान श्रीकृष्ण को प्रिय है कार्तिक मास
यह जो पाद्य, अर्घ्य, आचमन और जल आदि सामग्री आप लोग हमारे लिए लाए हैं वे सब अनन्त गुणोंवाली होकर आप लोगों को आनन्दित करेगी। जो शङ्खासुर सब वेदों को चुरा ले गया है वे सब समुद्र में हैं। मैं उस सागर के दुष्ट पुत्र को मारकर ले आता हूं। आज से मन्त्र, बीज और यज्ञों के साथ चारों वेद प्रतिवर्ष कार्तिक मास में जल में विश्राम किया करेंगे।