प्रवक्ता ने बताया कि यह योजना भारत और विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों पर लागू होगी। यह नए प्रवेश लेने वाले छात्रों के साथ-साथ पहले से अध्ययनरत छात्रों के लिए भी उपलब्ध है। इस योजना के तहत छात्र 20 लाख रुपये तक का ऋण ले सकते हैं, जिसमें ट्यूशन फीस, छात्रावास, भोजन, किताबें और अन्य शैक्षणिक खर्च शामिल हैं। आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। ऋण लेने के लिए अधिकतम आयु सीमा प्रवेश/पंजीकरण की तारीख तक 28 वर्ष निर्धारित की गई है।