उनकी सादगी और भव्यता का अनूठा मेल, कांजीवरम साड़ियों के प्रति उनका लगाव, माथे पर सिंदूर और उनकी रहस्यमयी मुस्कान आज भी लोगों का ध्यान खींचती है। वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में कम दिखाई दें, फिर भी उनकी मौजूदगी अक्सर सुर्खियां बटोर लेती है।
दूसरे समुदाय-आधारित कार्यक्रम में दिल्ली के बेघर लोगों, प्रवासी कामगारों और अस्थायी बस्तियों में रहने वाली आबादी तक पहुंच बनाई गई। नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच नौ सरकारी छाती रोग क्लीनिकों के साथ काम करते हुए हॉटस्पॉट आधारित कैंप, एआई-सक्षम एक्स-रे और समुदाय-आधारित फॉलो-अप का इस्तेमाल किया गया। उपचार पूरा करने और उपचार सफलता की दर 90 प्रतिशत रही।
हिम एक्सेस राज्य का सिंगल साइन-ऑन और डिजिटल पहचान प्लेटफॉर्म है, जो नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए विभिन्न सरकारी सेवाओं और एप्लीकेशनों तक पहुंच का एक साझा प्रमाणीकरण तंत्र प्रणाली उपलब्ध करवाता है। इससे अलग-अलग सरकारी प्रणालियों के लिए अलग-अलग यूजर आईडी और पासवर्ड रखने की आवश्यकता कम होती है तथा डिजिटल सेवाओं तक पहुंच को अधिक सुविधाजनक और सुव्यवस्थित बनाया जा सकता है।
भारत की महान पार्श्वगायिका लता मंगेशकर की 97वीं जयंती पर देश उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ याद कर रहा है। सात दशकों से अधिक लंबे संगीत सफर में उन्होंने अपनी मधुर और भावपूर्ण आवाज से भारतीय सिनेमा के गीतों को अमर बना दिया। उनके गीत आज भी कई पीढ़ियों की यादों और भावनाओं का हिस्सा हैं।
एमआईएस-2026 में डिजिटल खरीद प्रणाली का सफल संचालन इस बदलाव का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। तकनीक ने खरीद प्रक्रिया को अधिक संरचित बनाने का अवसर दिया है, जबकि एचपीएमसी की प्रसंस्करण और भंडारण संबंधी गतिविधियां बागवानी उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के पारंपरिक तरीके से आगे बढ़ने की संभावनाएं प्रस्तुत करती हैं।
प्वाइंट 5140 पर फहराया गया तिरंगा केवल एक सैन्य विजय का प्रतीक नहीं था। वह उस जज्बे का प्रतीक था जिसमें एक सैनिक अपने देश के लिए किसी भी चुनौती का सामना करने को तैयार रहता है।
उनकी राजनीति में एक नई पीढ़ी, आधुनिक सोच और तकनीकी बदलाव की छवि प्रमुख रही। हालांकि उनका कार्यकाल विवादों और राजनीतिक चुनौतियों से भी अछूता नहीं रहा, लेकिन भारत के तकनीकी और संचार विकास की चर्चा में राजीव गांधी का नाम आज भी प्रमुखता से लिया जाता है।
बागबानी को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयासों की कड़ी में संयुक्त निदेशक उद्यान (कांगड़ा) डॉ. कमल शील नेगी ने नियमित रूप से खेत का दौरा कर तकनीकी सलाह और नर्सरी प्रबंधन में मार्गदर्शन दिया। वहीं, नगरोटा बगवां के विषय विशेषज्ञ डॉ. सुरेश कुमार नेगी ने ड्रैगन फ्रूट जैम तैयार करने में महत्वपूर्ण तकनीकी सहायता प्रदान की।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत प्रदेश के 10 जिलों के 270 गांवों का चयन किया गया है। 17 मंत्रालयों द्वारा 25 विभिन्न हस्तक्षेपों के माध्यम से इन गांवों में समग्र विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत हर घर नल से जल, भारतनेट कनेक्टिविटी, एलपीजी गैस की पहुंच तथा विभिन्न आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया गया है।
महिलाओं के लिए बड़ी जीत – यह ऐतिहासिक समझौता, जो पारंपरिक एफटीए से कहीं अधिक है, सतत और समावेशी आर्थिक विकास में महिलाओं के योगदान को मान्यता देता है। इसका उद्देश्य महिलाओं के लिए अवसर और लाभ को बढ़ावा देना है।