इससे पूर्व, रिकांगपिओ विश्राम गृह में किन्नौर जिला पूर्व सैनिक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से भेंट की और सैनिक विश्राम गृह के लिए निधि प्रदान करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों की मांग पर सैनिक विश्राम गृह भवन के निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की।
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि झूलों की स्थापना हेतु अनुमति मेला अधिकारी एवं तहसीलदार द्वारा प्रदान की जाएगी। मेले के लिए जर्मन हैंगर/डोम/कैनोपी (मानक आकार), दुकानों एवं झूलों हेतु निविदाएं आमंत्रित की गई हैं, जिन्हें 2 अप्रैल को खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों का सम्पूर्ण विकास होना चाहिए, जिसमें ज्ञान के साथ-साथ जीवन की मुश्किल चुनौतियों का सामना करना भी सिखाना चाहिए जिसे सुनिश्चित बनाना अध्यापकों की जिम्मेवारी है।
सरकार लोकतंत्र का सम्मान करे और हमारी रैली में किसी भी प्रकार की बाधा पहुंचाने की कोशिश न करे, यही सबके लिए बेहतर होगा।
सूरत नेगी ने कहा कि यह कोई निजी पारिवारिक मसला नहीं रह जाता जब मामला न्यायालय में दर्ज हो और गंभीर आरोप लगाए गए हों। यदि कोई नेता अपने घर में हो रहे अत्याचार पर मौन साधे और प्रदेश में महिलाओं के अधिकारों पर लंबी-लंबी बातें करे, तो यह उसका दोहरा चरित्र उजागर करता है। उन्होंने सवाल किया कि अब तक इस मामले में गिरफ्तारियां क्यों नहीं हुईं? क्या इसका कारण राजनीतिक दबाव है?
यह कार्यालय हमारे किसानों और पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण क़दम साबित होगा। यहां पशुधन के स्वास्थ्य एवं प्रजनन संबंधी सेवाएँ समय पर उपलब्ध होंगी, जिससे पशुधन की उत्पादकता बढ़ेगी, किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।