सरस्वती विद्या मंदिर प्रागपुर का वार्षिक पारितोषिक समारोह
प्रागपुर । जाने माने समाज सेवी कैप्टन संजय पराशर ने सरस्वती विद्या मंदिर प्रागपुर के वार्षिक पारितोषिक समारोह में शिरकत हुये अपने संबोधन में अभिभावकों से आह्वान करते हुए कहा कि बच्चे को पहला संस्कार मां-बाप से ही प्राप्त होता है, ऐसे में वे बच्चों में अच्छे संस्कार ड़ालने से पहले स्वयं इन्हे अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करें ताकि बच्चों के अंदर अच्छे संस्कार विकसित किये जा सकें। साथ ही अभिभावकों से शिक्षकों के साथ लगातार संवाद स्थापित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
संजय पराशर ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश सरकार का नेतृत्व सशक्त हाथों में है तथा प्रदेश के विकास में कोई कमी नहीं रखी जा रही है। उन्होने कहा कि मुख्य मंत्री सुखविन्दर सिंह सुक्खू सरकार गठन के पहले दिन से ही प्रदेश की सेवा में लगातार कार्यरत है उन्होंने बताया कि उनकी पिछले दिनों प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्दर सिंह से मुलाकात हुई, तो उन्होंने सरकारी स्कूलों में अग्रेजी भी सिलेबस में जरूरी करने का अनुरोध किया, जिसे सरकार ने माना व अगले शैक्षणिक सत्र से इसकी शुरूआत प्रदेश में होने जा रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही चिट्टा विरोधी मुहिम की भी तारीफ की।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों का सम्पूर्ण विकास होना चाहिए, जिसमें ज्ञान के साथ-साथ जीवन की मुश्किल चुनौतियों का सामना करना भी सिखाना चाहिए जिसे सुनिश्चित बनाना अध्यापकों की जिम्मेवारी है। उन्होंने कहा कि जीवन में कोई काम कठिन नहीं होता तथा अपनी लग्न ओर मेहनत से हर विद्यार्थी कोई भी मुकाम हासिल कर सकता है।
उन्होंने कहा कि बच्चों ने वार्षिक उत्सव में खूबसूरत कार्यक्रम प्रस्तुत किया है और बच्चों के मंच पर आने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।
उन्होंने अपनी ओर स्कूल के लिये तीन लाख रूपये का अनुदान देने की घोषणा की।