20 सितंबर 2026, रविवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि रहेगी। उपलब्ध पंचांग गणनाओं के अनुसार दिन में नवमी के बाद दशमी तिथि शुरू होगी। चंद्रमा धनु राशि में रहेगा और सूर्य कन्या राशि में स्थित रहेगा।
19 सितंबर 2026, शनिवार को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि और राधाष्टमी का पावन पर्व है। इस दिन राधा रानी की विशेष पूजा-अर्चना और व्रत का धार्मिक महत्व माना जाता है। जानिए 19 सितंबर के पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग, करण, चंद्र राशि और राधाष्टमी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।
हिमाचल प्रदेश में गोगा नवमी की परंपरा कई क्षेत्रों में लोकसंस्कृति से जुड़ी हुई है। विशेष रूप से **हमीरपुर में आयोजित गोगा नवमी मेला** इस पर्व की लोकप्रियता का उदाहरण है। यहां गोगाजी की आराधना के साथ लोकपरंपराओं और मेलों का आयोजन श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।
भाद्रपद कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है। शनिवार होने के कारण इस दिन **शनिदेव की पूजा**, तिल के तेल का दीपक जलाना, जरूरतमंदों की सहायता करना और सेवा कार्य करना शुभ माना जाता है।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भगवान विष्णु के आठवें अवतार भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की स्मृति में मनाई जाती है। यह पर्व भक्तों को धर्म, कर्म, भक्ति और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश देता है। जन्माष्टमी की रात्रि में मंदिरों और घरों में विशेष पूजा, भजन-कीर्तन तथा झांकियों का आयोजन किया जाता है।
इस पूरी प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गूग्गा की परंपरा केवल किसी एक देवता की पूजा तक सीमित नहीं रही। उसने लोकजीवन के भय, विश्वास, बीमारी, उपचार, संगीत, कथा, वीरता और सामुदायिक सुरक्षा—इन सबको अपने भीतर समेट लिया।
गाथा में यह भी कहा जाता है कि काली माता ने गुग्गा के जन्म के समय पुष्प वर्षा की और भविष्यवाणी की कि गुग्गा चौहान राक्षसों के रक्त से उनका खप्पर भरेगा। गुग्गावीर के जन्म लेते ही पूरी नगरी में ढोल-नगाड़े अपने आप बजने लगे। गुग्गा मंडलियां आज भी इसी लोककथा को गीत और गाथाओं के माध्यम से घर-घर पहुंचा रही हैं।
21 अगस्त 2026 का दिन शुक्रवार है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज श्रावण मास, शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है। चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेगा और दिन की शुरुआत अनुराधा नक्षत्र से होगी, जिसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र प्रारंभ होगा। पंचांग के अनुसार नवमी तिथि रात तक रहेगी।
आज गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को श्रावण शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। आज के दिन भगवान शिव की आराधना के साथ धार्मिक कार्यों के लिए भी विशेष महत्व रहेगा। आइए जानते हैं आज का पंचांग, शुभ मुहूर्त और राहु काल।
श्रावण मास का शुक्रवार माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान शिव के साथ माता लक्ष्मी की पूजा करने से धन, वैभव और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। श्रद्धालु सफेद पुष्प, खीर और मिश्री का भोग अर्पित कर श्रीसूक्त या लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ कर सकते हैं।