# गोगा नवमी आज: गोगाजी महाराज की पूजा कर श्रद्धालु मांगेंगे सुख-समृद्धि और परिवार की रक्षा का आशीर्वाद
धर्मशाला/कांगड़ा, 5 सितंबर 2026।** उत्तर भारत में लोकआस्था के प्रमुख पर्वों में शामिल **गोगा नवमी** आज शनिवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही है। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व लोकदेवता **गोगाजी महाराज**, जिन्हें जाहरवीर गोगाजी, गुग्गा पीर और गोगा वीर के नाम से भी जाना जाता है, को समर्पित है। पंचांग के अनुसार इस वर्ष गोगा नवमी 5 सितंबर को है और नवमी तिथि रात लगभग 9:53 बजे तक रहेगी।
गोगाजी की पूजा विशेष रूप से राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में लोकपरंपराओं के साथ की जाती है। गोगाजी को नागों के देवता और सांपों के विष से रक्षा करने वाले लोकदेवता के रूप में श्रद्धा से पूजा जाता है। कई स्थानों पर इस अवसर पर मेले, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजन भी किए जाते हैं।
### गोगा नवमी का धार्मिक महत्व
लोकमान्यता के अनुसार गोगाजी महाराज साहस, वीरता और जनरक्षा के प्रतीक हैं। श्रद्धालु मानते हैं कि गोगाजी की आराधना करने से परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है और सर्पभय सहित विभिन्न संकटों से रक्षा होती है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में गोगाजी की पूजा सदियों से लोकजीवन और धार्मिक परंपराओं का हिस्सा रही है। गोगा नवमी पर महिलाएं और परिवार के अन्य सदस्य श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं। कई स्थानों पर गोगाजी की गाथाएं गाई जाती हैं तथा स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार प्रसाद चढ़ाया जाता है।
कैसे करें गोगा नवमी की पूजा?
सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर या पूजा स्थल पर गोगाजी महाराज की तस्वीर या प्रतीक स्थापित कर श्रद्धापूर्वक पूजा करें। धूप, दीप, पुष्प और प्रसाद अर्पित करें। अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार गोगाजी की कथा या लोकगाथा का श्रवण करें। पूजा के दौरान परिवार की सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करें। जरूरतमंदों को भोजन या अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान देना भी शुभ माना जाता है।
हिमाचल में भी लोकआस्था का विशेष पर्व
हिमाचल प्रदेश में गोगा नवमी की परंपरा कई क्षेत्रों में लोकसंस्कृति से जुड़ी हुई है। विशेष रूप से **हमीरपुर में आयोजित गोगा नवमी मेला** इस पर्व की लोकप्रियता का उदाहरण है। यहां गोगाजी की आराधना के साथ लोकपरंपराओं और मेलों का आयोजन श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। गोगा नवमी केवल धार्मिक अनुष्ठान का दिन नहीं बल्कि लोकविश्वास, सामुदायिक एकता और पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का अवसर भी है।
आज का पंचांग संकेत
5 सितंबर 2026 को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। पंचांग गणना के अनुसार इस दिन **मृगशिरा नक्षत्र** रात लगभग 9:30 बजे तक और **वज्र योग** दोपहर लगभग 12:47 बजे तक रहने का उल्लेख है। स्थान के अनुसार सूर्योदय, सूर्यास्त और अन्य मुहूर्तों में थोड़ा अंतर हो सकता है। गोगा नवमी के अवसर पर श्रद्धालु गोगाजी महाराज का स्मरण करते हुए परिवार की खुशहाली और समाज में सुख-शांति की प्रार्थना करते हैं।
**जाहरवीर गोगाजी महाराज की जय।**