भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। आज गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को श्रावण शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। आज के दिन भगवान शिव की आराधना के साथ धार्मिक कार्यों के लिए भी विशेष महत्व रहेगा। आइए जानते हैं आज का पंचांग, शुभ मुहूर्त और राहु काल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज श्रावण, शुक्ल, अष्टमी, गुरुवार, है। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 20 अगस्त 2026, राहुकाल दोपहर 02 बजकर 00 मिनट से दोपहर 03 बजकर 30 मिनट तक।
आज का पंचांग
वार: गुरुवार
तिथि: श्रावण शुक्ल अष्टमी रात्रि 09 बजकर 18 मिनट तक उपरांत नवमी तिथि का आरंभ।
नक्षत्र: विशाखा, इसके बाद अनुराधा
योग: इन्द्र
करण: विष्टि, इसके बाद बव
चंद्र राशि: वृश्चिक
सूर्य राशि: सिंह
ऋतु: वर्षा
अयन: दक्षिणायन
विक्रम संवत: 2083
मास: श्रावण
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: सुबह 5:57 बजे
सूर्यास्त: शाम 6:51 बजे
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह में 03 बजकर 55 मिनट से सुबह 04 बजकर 41 मिनट तक ।
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 50 मिनट तक ।
अमृत काल : का समय अगले दिन मध्यरात्रि 12 बजकर 17 मिनट से तड़के 02 बजकर 04 मिनट (21 अगस्त) तक ।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल : दोपहर 02 बजकर 00 मिनट से 03 बजकर 30 मिनट तक ।
गुलिक काल : सुबह 09 बजकर 00 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक ।
यमगंड : सुबह 06 बजकर 00 मिनट से 07 बजकर 30 मिनट तक ।
आज का विशेष महत्व
श्रावण मास भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस महीने में शिवलिंग पर जलाभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जाप और भगवान शिव की पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है। गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा और पीले रंग की वस्तुओं का दान करना भी शुभ माना जाता है।
नोट: पंचांग के तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त के समय स्थान के अनुसार कुछ अंतर हो सकता है। ऊपर दिए गए समय उत्तर भारत के सामान्य संदर्भ में हैं।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।