भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। आज श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि आप आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय-सूर्यास्त और धार्मिक महत्व की जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो यहां पढ़ें 6 अगस्त 2026 का संपूर्ण पंचांग।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज श्रावण, कृष्ण, अष्टमी, गुरुवार है। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, राहुकाल दोपहर 02 बजकर 00 मिनट से दोपहर 03 बजकर 30 मिनट तक।
6 अगस्त 2026 का पंचांग | गुरुवार
दिनांक: 6 अगस्त 2026
वार: गुरुवार
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
अयन: दक्षिणायन
ऋतु: वर्षा ऋतु
मास: श्रावण
पक्ष: कृष्ण पक्ष
पंचांग विवरण
तिथि: कृष्ण अष्टमी (सायं 6:53 बजे तक), तत्पश्चात नवमी
नक्षत्र: भरणी (रात्रि 8:15 बजे तक), इसके बाद कृत्तिका
योग: गण्ड (दोपहर 3:02 बजे तक), तत्पश्चात वृद्धि
करण: बालव (प्रातः 7:49 बजे तक), फिर कौलव एवं तैतिल
सूर्योदय एवं सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 5:48 बजे
सूर्यास्त: सायं 7:08 बजे
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:01 बजे से 12:54 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह में 03 बजकर 55 मिनट से सुबह 04 बजकर 41 मिनट तक ।
अमृत काल: दोपहर 3:38 बजे से 5:12 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:39 बजे से 3:31 बजे तक
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: दोपहर 2:00 बजे से 3:30 बजे तक
यमगण्ड: प्रातः 6:00 बजे से 7:30 बजे तक
गुलिक काल: प्रातः 9:10 बजे से 10:30 बजे तक
दुर्मुहूर्त: प्रातः 9:58 बजे से 10:51 बजे तक
आज का विशेष महत्व
श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि।
गुरुवार होने के कारण भगवान विष्णु एवं देवगुरु बृहस्पति की पूजा का विशेष महत्व है।
पीले वस्त्र धारण करना, केले के वृक्ष की पूजा करना तथा चने की दाल, हल्दी और पीले फल का दान शुभ माना जाता है।
विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए गुरु मंत्र का जाप विशेष फलदायी रहेगा।
आज का शुभ मंत्र
॥ ॐ बृं बृहस्पतये नमः ॥
आज का विचार:
ज्ञान, धैर्य और सद्कर्म जीवन को सही दिशा देते हैं। गुरुवार का दिन गुरु की कृपा प्राप्त करने और सकारात्मक संकल्प लेने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।