भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। भारतीय सनातन परंपरा में पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा या नए कार्य की शुरुआत से पहले तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का विचार किया जाता है। आइए जानते हैं मंगलवार, 21 जुलाई 2026 का संपूर्ण पंचांग।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार आषाढ़, शुक्ल, अष्टमी , है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 21 जुलाई 2026, राहुकाल दोपहर 03 बजकर 30 मिनट से दोपहर 05 बजकर 00 मिनट तक।
21 जुलाई 2026 का पंचांग
दिनांक: 21 जुलाई 2026, मंगलवार
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
अयन: दक्षिणायन
ऋतु: वर्षा ऋतु
मास: आषाढ़
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: अष्टमी तिथि अगले दिन तड़के 05 बजकर 16 मिनट तक उपरांत नवमी तिथि का आरंभ।
नक्षत्र: चित्रा रात्रि लगभग 10:42 बजे तक, इसके बाद स्वाति नक्षत्र।
योग: सिद्ध योग
करण: वणिज, इसके बाद विष्टि (भद्रा)
चंद्र राशि: कन्या
सूर्य राशि: कर्क
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 5:37 बजे
सूर्यास्त: सायं 7:22 बजे (समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।)
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह में 03 बजकर 55 मिनट से सुबह 04 बजकर 41 मिनट तक ।
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से 12 बजकर 55 मिनट तक ।
अमृत काल : का समय दोपहर 01 बजकर 58 मिनट से दोपहर 03 बजकर 41 मिनट तक ।
अशुभ समय
राहुकाल -दोपहर 3:30 बजे से 5:00 बजे तक
यमगण्ड: सुबह 9:00 बजे से 9 :30 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक
दुर्मुहूर्त: सुबह 8:18 बजे से 9:12 बजे तक (लगभग)
आज का धार्मिक महत्व
21 जुलाई 2026 को आषाढ़ शुक्ल अष्टमी का विशेष महत्व है। इस दिन मां दुर्गा की उपासना करने, दुर्गा सप्तशती का पाठ करने तथा कन्याओं को फल एवं मिठाई का दान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। मंगलवार होने के कारण हनुमान जी की पूजा-अर्चना, सुंदरकांड का पाठ और "ॐ हनुमते नमः" मंत्र का जाप भी अत्यंत फलदायी माना गया है।
आज का उपाय
आज लाल चंदन का तिलक लगाकर हनुमान मंदिर में चमेली का तेल और सिंदूर अर्पित करें। गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को लाल फल या गुड़ का दान करने से मंगल दोष शांत होता है और कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।