Dateline Dharamshala | धर्म डेस्क
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। भारतीय वैदिक ज्योतिष में पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, गृह प्रवेश या नए कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखा जाता है। आइए जानते हैं गुरुवार, 23 जुलाई 2026 का विस्तृत पंचांग।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज आषाढ़, शुक्ल, नवमी, गुरुवार है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 23 जुलाई 2026 , राहुकाल दोपहर 02 बजकर 00 मिनट से दोपहर 03 बजकर 30 मिनट तक।
🌸 23 जुलाई 2026 का पंचांग
वार: गुरुवार
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
मास: आषाढ़
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: नवमी तिथि प्रातः 07 बजकर 03 मिनट तक उपरांत दशमी तिथि का आरंभ।
नक्षत्र: स्वाती
योग: शिव योग
करण: विष्टि (भद्रा), तत्पश्चात बव
चंद्र राशि: तुला
सूर्य राशि: कर्क
ऋतु: वर्षा
🌅 सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 5:33 बजे
सूर्यास्त: सायं 7:22 बजे (समय स्थानानुसार कुछ मिनटों का अंतर संभव है।)
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:02 बजे से 12:56 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह में 03 बजकर 55 मिनट से सुबह 04 बजकर 41 मिनट तक रहेगा।
अमृत काल: दोपहर 03 बजकर 56 मिनट से सायं 05 बजकर 42 बजे तक ।
विजय मुहूर्त: अपराह्न 2:45 बजे से 3:40 बजे तक
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल : दोपहर 02 बजकर 00 मिनट से 03 बजकर 30 मिनट तक ।
गुलिक काल : सुबह 09 बजकर 00 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक ।
यमगंड : सुबह 06 बजकर 00 मिनट से 07 बजकर 30 मिनट तक ।
🙏 आज का विशेष महत्व
गुरुवार होने के कारण भगवान विष्णु, देवगुरु बृहस्पति और केले के वृक्ष की पूजा शुभ मानी जाती है।
पीले वस्त्र धारण करना और चने की दाल या पीले फल का दान करना लाभकारी रहेगा।
🌼 आज का शुभ उपाय
भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें तथा "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का 108 बार जप करें। इससे सुख-समृद्धि, वैवाहिक जीवन और आर्थिक उन्नति के योग मजबूत होते हैं।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।