Dateline Dharamshala | धर्म डेस्क
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, गृह प्रवेश, विवाह या नए कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखकर शुभ समय का चयन किया जाता है। आइए जानते हैं बुधवार, 22 जुलाई 2026 का विस्तृत पंचांग।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बुधवार, आषाढ़, शुक्ल, नवमी है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 22 जुलाई 2026,राहुकाल दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से दोपहर 01 बजकर 30 मिनट तक।
🗓️ आज का पंचांग (22 जुलाई 2026)
वार: बुधवार
तिथि: आषाढ़ शुक्ल पक्ष नवमी
मास: आषाढ़
पक्ष: शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
अयन: दक्षिणायन
ऋतु: वर्षा
चंद्र राशि: तुला
सूर्य राशि: कर्क
नक्षत्र: स्वाति (रात्रि तक), इसके बाद विशाखा
योग: साध्य
करण: बालव, इसके बाद कौलव
🌅 सूर्योदय एवं सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 5:37 बजे
सूर्यास्त: सायं 7:18 बजे
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त : आज नहीं है।
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह में 03 बजकर 55 मिनट से सुबह 04 बजकर 41 मिनट तक ।
अमृत काल : का समय दोपहर 01 बजकर 26 मिनट से दोपहर 03 बजकर 11 बजे तक।
अशुभ समय
राहुकाल : दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से 01 बजकर 30 मिनट तक ।
गुलिक काल : सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजकर 00 मिनट तक ।
यमगंड : सुबह 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजकर 00 मिनट तक ।
🌼 आज का धार्मिक महत्व
आज आषाढ़ शुक्ल नवमी तिथि है। यह दिन भगवान विष्णु एवं देवी की उपासना के लिए शुभ माना जाता है। बुधवार होने के कारण भगवान गणेश की पूजा, दुर्वा अर्पित करना तथा "ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का जाप करने से विघ्न-बाधाओं का नाश होने और बुद्धि-विवेक की प्राप्ति होने की मान्यता है।
🌿 आज के शुभ उपाय
भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक अर्पित करें।
हरे वस्त्र या हरी वस्तु का दान करें।
गाय को हरा चारा खिलाएं।
"ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का 108 बार जप करें।
22 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से शुभ माना गया है। यदि आप किसी नए कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं तो राहुकाल से बचते हुए अभिजीत मुहूर्त या अन्य शुभ समय का चयन करें। भगवान गणेश की आराधना से दिन मंगलमय और सफल रहने की मान्यता है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।