कठिन परिस्थितियों के दौरान सार्वजनिक आपूर्ति व्यवस्था महत्वपूर्ण मानवीय भूमिका भी निभाती है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सरकार के निर्देशों के अनुरूप प्रभावित परिवारों को निःशुल्क राशन और एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा, “चंबा जैसे आकांक्षी जिले में रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। सिकरी धार सीमेंट प्लांट इस पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदलने की क्षमता रखता है। इससे चंबा के साथ कांगड़ा के हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।”
राकेश जमवाल ने कहा कि अनाथ बच्चों और विधवाओं का कल्याण सरकार की जिम्मेदारी है और भाजपा ऐसे प्रत्येक कल्याणकारी प्रयास का समर्थन करती है, लेकिन इसके लिए संसाधन सरकार को बेहतर वित्तीय प्रबंधन और अपने बजट से उपलब्ध करवाने चाहिए। अनाथ और विधवा कल्याण जैसे संवेदनशील विषय के नाम पर पूरे प्रदेश की जनता पर नया सेस लगाना सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन का समाधान नहीं हो सकता।
उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि अब प्रत्येक बूथ, प्रत्येक पंचायत, प्रत्येक मंडल और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर कांग्रेस सरकार की विफलताओं को उजागर करेंगे और यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रदेश से इस जनविरोधी सरकार को सत्ता से बाहर नहीं कर दिया जाता।
इस समझौते से बागा स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट वर्क्स प्लांट में कार्यरत लगभग 284 संविदा श्रमिकों को पांच वर्षों की अवधि में लगभग 15 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ होने की उम्मीद है। इस समझौते से कई प्रमुख कल्याणकारी और सेवा संबंधी मुद्दों का समाधान होगा जिनमें पहले वर्ष में 6,000 रुपये प्रति माह की वेतन वृद्धि, पदोन्नति नीति से संबंधित प्रावधान, ऊनी जैकेट की आपूर्ति और वैधानिक बोनस का समय पर भुगतान शामिल है।
उन्होंने कहा कि रहायशी क्षेत्रों में पार्किंग आवंटन प्रक्रिया में बदलाव भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनेगा और आम नागरिकों को अतिरिक्त शुल्क व प्रक्रियाओं के जाल में फंसाया जाएगा।
डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने महंगाई बढ़ाकर महिलाओं का जीवन कठिन बना दिया है। “बिजली, पानी, राशन, सीमेंट और HRTC किराए में बढ़ोतरी कर तथा सब्सिडी खत्म कर माताओं-बहनों पर अतिरिक्त बोझ डाला गया है,” उन्होंने कहा।
आर्थिक मोर्चे पर भी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार को घेरा। उनके अनुसार, पिछले साढ़े तीन वर्षों में राज्य पर करीब ₹45,000 करोड़ का अतिरिक्त कर्ज बढ़ा है, जिससे कुल कर्ज ₹1.10 लाख करोड़ के आसपास पहुंच गया है। उन्होंने पेट्रोल-डीजल पर बढ़े वैट और अन्य करों को महंगाई बढ़ाने वाला बताया।
बिंदल ने कहा कि सीमेंट के दामों में भारी वृद्धि, स्टांप ड्यूटी में बढ़ोतरी, एचआरटीसी किराए में वृद्धि, पानी और बिजली के बिलों में इजाफा तथा राशन डिपो में महंगे दामों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है।
डॉ. सहजल ने कहा कि प्रदेश में पहले ही स्टांप ड्यूटी, बिजली, पानी और परिवहन के खर्च बढ़ चुके हैं, और अब निर्माण सामग्री की महंगाई ने आम आदमी के लिए जीवन और भी कठिन बना दिया है।