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कैप्टन विक्रम बत्रा

शहादत के बाद की अमर विरासत - पालमपुर से पूरे देश तक—कैसे एक वीर की कहानी बन गई प्रेरणा
धर्मशाला

शहादत के बाद की अमर विरासत - पालमपुर से पूरे देश तक—कैसे एक वीर की कहानी बन गई प्रेरणा

विक्रम बत्रा के बचपन से लेकर कारगिल के रणक्षेत्र और उनकी शहादत के बाद बनी उस अमर विरासत तक, जो आज भी नई पीढ़ी को प्रेरित करती है। कैप्टन विक्रम बत्रा ने 7 जुलाई 1999 को कारगिल की धरती पर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी उम्र उस समय महज 24 वर्ष थी। एक युवा अधिकारी का जीवन भले ही युद्धभूमि में थम गया, लेकिन उनकी कहानी वहीं समाप्त नहीं हुई।

साथियों की नजर में विक्रम बत्रा  - सिर्फ बहादुर अफसर नहीं, दिल जीत लेने वाला साथी
धर्मशाला

साथियों की नजर में विक्रम बत्रा - सिर्फ बहादुर अफसर नहीं, दिल जीत लेने वाला साथी

उनकी शहादत ने उनकी टुकड़ी को एक साहसी अधिकारी से वंचित किया, लेकिन उनके साथियों के बीच छोड़ी उनकी छवि हमेशा बनी रही—एक ऐसा कमांडर जो कठिन समय में अपने लोगों के साथ खड़ा रहा।

ये दिल मांगे मोर” — एक सैनिक का संदेश कैसे बन गया पूरे देश की आवाज
धर्मशाला

ये दिल मांगे मोर” — एक सैनिक का संदेश कैसे बन गया पूरे देश की आवाज

कारगिल युद्ध भारतीय सेना के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था। दुर्गम पहाड़ियां, हाड़ कंपा देने वाली ठंड, ऊंचाई पर दुश्मन की मजबूत स्थिति और लगातार गोलीबारी—इन सबके बीच भारतीय सैनिकों को एक-एक चोटी को वापस अपने कब्जे में लेना था।

कारगिल का शेर: प्वाइंट 5140 पर कैप्टन विक्रम बत्रा ने लिखी विजय की कहानी
धर्मशाला

कारगिल का शेर: प्वाइंट 5140 पर कैप्टन विक्रम बत्रा ने लिखी विजय की कहानी

प्वाइंट 5140 पर फहराया गया तिरंगा केवल एक सैन्य विजय का प्रतीक नहीं था। वह उस जज्बे का प्रतीक था जिसमें एक सैनिक अपने देश के लिए किसी भी चुनौती का सामना करने को तैयार रहता है।

कैप्टन विक्रम बत्रा: पालमपुर की मिट्टी से निकला वह लाल, जिसने तिरंगे के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया
पालमपुर

कैप्टन विक्रम बत्रा: पालमपुर की मिट्टी से निकला वह लाल, जिसने तिरंगे के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया

विक्रम बत्रा का जन्म 9 सितंबर 1974 को पालमपुर में हुआ। बचपन से ही उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और देश के प्रति गहरा समर्पण दिखाई देता था। परिवार के संस्कारों और हिमाचली परिवेश ने उनके व्यक्तित्व को मजबूत आधार दिया। वे केवल पढ़ाई में ही आगे नहीं थे, बल्कि खेलों और अन्य गतिविधियों में भी उनकी सक्रिय रुचि थी।

बच्चों की राखी ने सैनिकों के चेहरे पर बिखेरी मुस्कान, 13 JAK LI के जवानों ने भेजा भावुक संदेश
धर्मशाला

बच्चों की राखी ने सैनिकों के चेहरे पर बिखेरी मुस्कान, 13 JAK LI के जवानों ने भेजा भावुक संदेश

स्कूल की निदेशक **निगम शर्मा** ने इस अवसर पर **कर्नल अनूप थापा और 13 JAK LI के CO कर्नल राजेश** का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके सहयोग और सकारात्मक सहभागिता से यह खूबसूरत आदान-प्रदान संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि स्कूल परिवार के लिए यह गर्व और सम्मान की बात है कि उन्हें देश की रक्षा करने वाले इन वीर जवानों के साथ रक्षाबंधन के पवित्र पर्व पर स्नेह का यह रिश्ता साझा करने का अवसर मिला।

कैप्टन विक्रम बत्रा का शौर्य और बलिदान हर भारतीय के लिए प्रेरणा: आशीष बुटेल
धर्मशाला

कैप्टन विक्रम बत्रा का शौर्य और बलिदान हर भारतीय के लिए प्रेरणा: आशीष बुटेल

कार्यक्रम में नगर निगम पालमपुर की महापौर राधा सूद, उपमहापौर नीलम मलिक, आयुक्त नेत्रा मेती, संयुक्त आयुक्त रमेश कुमार, एसडीएम पालमपुर ओ.पी. यादव, नगर निगम के पार्षद, अधिकारी एवं कर्मचारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

शेरशाह की आखिरी जंग: कैसे 7 जुलाई 1999 को अमर हो गए कैप्टन विक्रम बत्रा
धर्मशाला

शेरशाह की आखिरी जंग: कैसे 7 जुलाई 1999 को अमर हो गए कैप्टन विक्रम बत्रा

कैप्टन विक्रम बत्रा केवल एक सैनिक नहीं थे। वह उस भारत की पहचान हैं जो कठिन से कठिन परिस्थिति में भी पीछे हटना नहीं जानता। कारगिल की बर्फीली चोटियों पर दिया गया उनका बलिदान हर भारतीय को यह याद दिलाता है कि आजादी और सुरक्षा की कीमत हमारे सैनिक अपने प्राण देकर चुकाते हैं। जब भी कारगिल विजय, साहस और देशभक्ति की बात होगी, "शेरशाह" का नाम सबसे पहले लिया जाएगा।

'शेरशाह' : जब कैप्टन विक्रम बत्रा की अमर गाथा बड़े पर्दे पर बनी देशभक्ति की मिसाल
धर्मशाला

'शेरशाह' : जब कैप्टन विक्रम बत्रा की अमर गाथा बड़े पर्दे पर बनी देशभक्ति की मिसाल

फिल्म में कैप्टन विक्रम बत्रा का प्रसिद्ध संवाद "ये दिल मांगे मोर" भी प्रमुखता से शामिल किया गया है। कारगिल युद्ध के दौरान यह वाक्य उनकी जीत और अदम्य आत्मविश्वास का प्रतीक बन गया था और आज भी भारतीय सेना की वीरता के सबसे यादगार नारों में गिना जाता है।

कैप्टन विक्रम बत्रा की शहादत के साथ अमर हुई प्रेम कहानी, डिंपल चीमा ने आजीवन निभाया साथ का वादा
धर्मशाला

कैप्टन विक्रम बत्रा की शहादत के साथ अमर हुई प्रेम कहानी, डिंपल चीमा ने आजीवन निभाया साथ का वादा

कारगिल युद्ध शुरू होने पर कैप्टन विक्रम बत्रा मोर्चे पर पहुंच गए। युद्ध के दौरान उन्होंने अद्भुत साहस का परिचय देते हुए कई दुश्मन चौकियों पर कब्जा किया। 7 जुलाई 1999 को अपने एक साथी अधिकारी को बचाते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया और मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। उनके इस अद्वितीय साहस के लिए उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।

कारगिल का शेर: कैप्टन विक्रम बत्रा की शहादत को राष्ट्र का नमन, आज भी गूंजता है 'ये दिल मांगे मोर'

धर्मशाला कारगिल का शेर: कैप्टन विक्रम बत्रा की शहादत को राष्ट्र का नमन, आज भी गूंजता है 'ये दिल मांगे मोर'

महाराणा प्रताप का साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति आज भी कर रहे हैं पीढ़ियों को प्रेरितः मुख्यमंत्री

शिमला महाराणा प्रताप का साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति आज भी कर रहे हैं पीढ़ियों को प्रेरितः मुख्यमंत्री

पालमपुर में नगर निगम, जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों की मतगणना के लिए पूर्वाभ्यास आयोजित

धर्मशाला पालमपुर में नगर निगम, जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों की मतगणना के लिए पूर्वाभ्यास आयोजित

भाजपा ने लॉन्च किया पालमपुर नगर निगम का विजन डॉक्यूमेंट, शहीदों की स्मृति और पर्यटन विकास पर विशेष फोकस

धर्मशाला भाजपा ने लॉन्च किया पालमपुर नगर निगम का विजन डॉक्यूमेंट, शहीदों की स्मृति और पर्यटन विकास पर विशेष फोकस

पालमपुर में उपमंडल स्तरीय गणतंत्र दिवस के आयोजन पर बैठक आयोजित

धर्मशाला पालमपुर में उपमंडल स्तरीय गणतंत्र दिवस के आयोजन पर बैठक आयोजित

पालमपुर विधानसभा के नगरी जॉन के 62 लोगों ने त्रिलोक कपूर की कार्य प्रणाली से प्रभावित होकर थामा भाजपा का दामन

धर्मशाला पालमपुर विधानसभा के नगरी जॉन के 62 लोगों ने त्रिलोक कपूर की कार्य प्रणाली से प्रभावित होकर थामा भाजपा का दामन

राजकीय महाविद्यालय पालमपुर में शहीद कैप्टन विक्रम बतरा की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित

धर्मशाला राजकीय महाविद्यालय पालमपुर में शहीद कैप्टन विक्रम बतरा की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित

हिमाचल के जवानों को मिल चुके हैं 1203 वीरता पदकः मुकेश अग्निहोत्री

शिमला हिमाचल के जवानों को मिल चुके हैं 1203 वीरता पदकः मुकेश अग्निहोत्री

उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने हिमालयन रेजीमेंट के गठन की उठाई मांग

शिमला उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने हिमालयन रेजीमेंट के गठन की उठाई मांग

पालमपुर होली से लोगों का भावनात्मक जुड़ाव : आशीष बुटेल

शिमला पालमपुर होली से लोगों का भावनात्मक जुड़ाव : आशीष बुटेल

धर्मशाला में रेड रिबन क्लबों की बैठक का आयोजन

धर्मशाला धर्मशाला में रेड रिबन क्लबों की बैठक का आयोजन

निर्धारित स्थानों पर ही बिकेंगे पटाखे : एसडीएम

धर्मशाला निर्धारित स्थानों पर ही बिकेंगे पटाखे : एसडीएम

सामान्य पर्यवेक्षक ने मतगणना केन्द्रों तथा स्ट्रांग रूम का लिया जाएगा

पालमपुर सामान्य पर्यवेक्षक ने मतगणना केन्द्रों तथा स्ट्रांग रूम का लिया जाएगा

मतदान के लिये जागरूक करें अधिकारी : हेमराज बैरवा

धर्मशाला मतदान के लिये जागरूक करें अधिकारी : हेमराज बैरवा

शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा राजकीय महाविद्यालय पालमपुर में  वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह

पालमपुर शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा राजकीय महाविद्यालय पालमपुर में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह

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