धर्मशाला, 7 जुलाई। कारगिल युद्ध के परमवीर चक्र विजेता शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा को देश उनकी अदम्य वीरता और "ये दिल मांगे मोर" के जज़्बे के लिए याद करता है। लेकिन उनकी शहादत के साथ एक ऐसी प्रेम कहानी भी इतिहास का हिस्सा बन गई, जिसे आज भी सच्चे प्रेम और समर्पण की मिसाल माना जाता है। कैप्टन विक्रम बत्रा और डिंपल चीमा की कहानी आज भी लाखों लोगों की आंखें नम कर देती है।
पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में पढ़ाई के दौरान विक्रम बत्रा और डिंपल चीमा की मुलाकात हुई। दोस्ती धीरे-धीरे गहरे प्रेम में बदल गई। दोनों ने साथ जीवन बिताने का सपना देखा था। भारतीय सेना में अधिकारी बनने के बाद भी विक्रम और डिंपल का रिश्ता पहले की तरह मजबूत बना रहा। छुट्टियों में मिलने पर दोनों भविष्य की योजनाएं बनाते थे और शादी का इंतजार कर रहे थे।
डिंपल चीमा ने बाद में दिए साक्षात्कारों में बताया कि विक्रम हमेशा पूरे आत्मविश्वास के साथ कहते थे कि वह देश की सेवा का अपना कर्तव्य पूरा कर लौटेंगे और फिर दोनों शादी करेंगे। यही विश्वास उनके रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत था।
कारगिल युद्ध शुरू होने पर कैप्टन विक्रम बत्रा मोर्चे पर पहुंच गए। युद्ध के दौरान उन्होंने अद्भुत साहस का परिचय देते हुए कई दुश्मन चौकियों पर कब्जा किया। 7 जुलाई 1999 को अपने एक साथी अधिकारी को बचाते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया और मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। उनके इस अद्वितीय साहस के लिए उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।
विक्रम की शहादत ने डिंपल चीमा की जिंदगी बदल दी। परिवार और करीबियों के समझाने के बावजूद उन्होंने विवाह नहीं किया। उन्होंने अपने जीवन को सादगी के साथ आगे बढ़ाया, लेकिन कैप्टन विक्रम बत्रा की यादों को कभी अपने दिल से दूर नहीं होने दिया। यही कारण है कि उनकी प्रेम कहानी आज भी त्याग, निष्ठा और अटूट समर्पण का प्रतीक मानी जाती है।
साल 2021 में रिलीज़ हुई फिल्म Shershaah ने इस प्रेम कहानी को नई पीढ़ी तक पहुंचाया। फिल्म में विक्रम बत्रा और डिंपल चीमा के रिश्ते को संवेदनशीलता के साथ दिखाया गया, जिसके बाद एक बार फिर दोनों की कहानी पूरे देश में चर्चा का विषय बनी।
कैप्टन विक्रम बत्रा की शहादत को 27 वर्ष पूरे होने पर देश उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन कर रहा है। उनकी वीरता जितनी प्रेरणादायक है, उतनी ही प्रेरक उनकी और डिंपल चीमा की प्रेम कहानी भी है, जो यह संदेश देती है कि सच्चा प्रेम समय और परिस्थितियों से कहीं बड़ा होता है।