एम, सुधा देवी ने कहा कि लाहौल का छरमा और किन्नौर के पारंपरिक वस्त्र, देसी घी, लोकल शहद, आचार, किन्नौरी राजमाह, लाल चावल, कोदे का आटा, गर्म जुराबें, पाइल नीडल प्रोडक्ट्स, सीरा-बड़ी आदि रसायन मुक्त उत्पादों की मांग बढ़ रही है। बता दें कि बाजार से सस्ते दाम और रसायन मुक्त उत्पादों की खरीददारी के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ सैलानियों की खूब भीड़ उमड़ी रही।