Hindi English Friday, 16 October 2026
BREAKING
• 17 अक्टूबर का इतिहास: प्रमुख घटनाएं, प्रसिद्ध जन्म और पुण्यतिथियां • 17 अक्टूबर 2026 राशिफल: शनिवार को जानें सभी 12 राशियों का हाल • सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का स्पीति दौरा जनजातीय क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब • नए जिलों के गठन पर सुधीर शर्मा का तंज, बोले— ‘घर में नहीं दाने, अम्मा चली भुनाने’ • जनसुविधा के लिए हर बुधवार हरिपुर में लगेगा एसडीएम देहरा का कैंप कार्यालय • ज्वालामुखी कॉलेज को मिली तीन नई सुविधाएं, विधायक संजय रतन ने किया लोकार्पण • मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉ. ओमेश भारती की अध्यक्षता में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित • सिहोरपाईं स्कूल में NSS शिविर के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम, स्वयंसेवकों ने दिखाई प्रतिभा • अशोक सिंघल का जीवन भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के प्रति समर्पण की प्रेरणाः राज्यपाल • आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 16 अक्टूबर 2026 का पंचांग

पुत्रदा एकादशी

श्रावण पुत्रदा एकादशी 2026: 23 अगस्त को रखा जाएगा व्रत, जानें पूजा और पारण का समय
श्रावण पुत्रदा एकादशी

श्रावण पुत्रदा एकादशी 2026: 23 अगस्त को रखा जाएगा व्रत, जानें पूजा और पारण का समय

इस दिन श्रद्धालु प्रातः स्नान आदि से निवृत्त होकर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। भगवान को पीले पुष्प, फल, पंचामृत और तुलसी दल अर्पित करने की परंपरा है। भक्त अपनी सामर्थ्य के अनुसार निर्जल, जलाहार या फलाहार व्रत रखते हैं। दिनभर भगवान विष्णु का स्मरण, विष्णु सहस्रनाम का पाठ और भजन-कीर्तन किया जाता है।

श्रावण पुत्रदा एकादशी पर 23 अगस्त को भव्य कीर्तन, भगवान श्रीहरि विष्णु की होगी विशेष आराधना
धर्मशाला

श्रावण पुत्रदा एकादशी पर 23 अगस्त को भव्य कीर्तन, भगवान श्रीहरि विष्णु की होगी विशेष आराधना

आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में धार्मिक आयोजन में शामिल होकर भगवान श्रीहरि का आशीर्वाद प्राप्त करने का आह्वान किया है। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का विशेष प्रबंध किया जाएगा।

📅 एकादशी 2026 तिथि सूची (Ekadashi 2026 Date List)
एकादशी

📅 एकादशी 2026 तिथि सूची (Ekadashi 2026 Date List)

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 31 दिसम्बर का पंचांग
आज का पंचांग

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 31 दिसम्बर का पंचांग

कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 30 दिसंबर का पंचांग
आज का पंचांग

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 30 दिसंबर का पंचांग

कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।

पुत्रदा एकादशी साल 2025 की अंतिम एकादशी है
पुत्रदा एकादशी

पुत्रदा एकादशी साल 2025 की अंतिम एकादशी है

पुत्रदा एकादशी का व्रत संतान की कामना के लिए रखा जाता है। जिन लोगों को संतान प्राप्ति में बाधा आ रही हैं उन लोगों को पुत्रदा एकादशी का व्रत जरूर रखना चाहिए। वहीं, जिन लोगों को संतान है उन्हें संतान के अच्छे स्वास्थ्य खुशहाली और समृद्धि के लिए इस व्रत को करना चाहिए। इतना ही नहीं इस व्रत को करने से धन धान्य और आरोग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही व्यक्ति की सारी इच्छाएं भी पूर्ण होती हैं।

सालभर में कुल 24 एकादशी आती हैं
शिमला

सालभर में कुल 24 एकादशी आती हैं

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति सालभर सभी एकादशी का व्रत करता है और व्रत के नियमों का अच्छे से पालन करता है। उसे बैकुंठ में स्थान मिलता है। एकादशी का व्रत भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित हैं।

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 10 जनवरी का पंचांग
आज का पंचांग

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 10 जनवरी का पंचांग

अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं  21 जनवरी 2024  का पंचाग
आज का पंचांग

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 21 जनवरी 2024 का पंचाग

पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है। ये पांच अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग

X