भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बुधवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, पौष, शुक्ला, एकादशी, सौर पौष मास प्रविष्टे 17, रज्जब 10, हिजरी 1447 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 31 दिसम्बर 2025 ई.। सूर्य उत्तरायण, दक्षिण गोल, शिशिर ऋतुः। राहूकाल मध्याह्न 12 बजे से 01 बजकर 30 मिनट तक। एकादशी तिथि क्षय।
द्वादशी तिथि अर्धरात्रोत्तर 01 बजकर 48 मिनट तक उपरांत त्रयोदशी तिथि का आरंभ। कृतिका नक्षत्र अर्धरात्रोत्तर 01 बजकर 30 मिनट तक उपरांत
रोहिणी नक्षत्र का आरंभ। साध्य याग रात्रि 09 बजकर 13 मिनट तक उपरांत शुभ योग का आरंभ। बव करण अपराह्न 03 बजकर 27 मिनट तक उपरांत कौलव करण काआरंभ। चन्द्रमा प्रातः 09 बजकर 23 मिनट तक मेष उपरांत अपनी उच्च राशि वृष पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार - पुत्रदा एकादशी (वैष्णव जन के लिए)।
सूर्योदय का समय - सुबह में 7 बजकर 13 मिनट तक।
सूर्यास्त का समय - 5 बजकर 34 मिनट तक।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 24 मिनट से 6 बजकर 19 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 8 मिनट से 2 बजकर 49 मिनट मिनट तक। निशिथ काल रात में 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 52 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 5 बजकर 32 मिनट से 6 बजे तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
दोपहर में 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक राहुकाल रहेगा। सुबह में 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 7 बजकर 13 मिनट से 8 बजकर 31 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल दोपहर में 12 बजकर 4 मिनट से 12 बजकर 04 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग के नाम से जाना जाता है। पंचांग के माध्यम से समय और काल की सटीक गणना की जाती है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है। ये पांच अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण है। यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदूमास और पक्ष आदि की जानकारी देते हैं।