भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2081, पौष शुक्ल, एकादशी, सौर पौष मास प्रविष्टे 27, रज्जब 09, हिजरी 1446 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 10 जनवरी सन् 2025 ई॰। सूर्य उत्तरायण दक्षिण गोल, शिशिर ऋतुः। राहुकाल पूर्वाह्न 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक। एकादशी तिथि पूर्वाह्न 10 बजकर 20 मिनट तक उपरांत द्वादशी तिथि का आरंभ।
कृतिका नक्षत्र अपराह्न 01 बजकर 46 मिनट तक उपरांत रोहिणी नक्षत्र का आरंभ। शुभ योग अपराह्न 02 बजकर 37 मिनट तक उपरांत शुक्ल योग का आरंभ। विष्टि करण पूर्वाह्न 10 बजकर 20 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात वृष राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार पुत्रदा एकादशी व्रत।
सूर्योदय का समय - सुबह में 7 बजकर 15 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 5 बजकर 42 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 30 मिनट से 6 बजकर 24 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 20 मिनट से 3 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि रात में 12 बजकर 8 मिनट से रात में 1 बजकर 1 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम 5 बजकर 49 मिनट 6 बजकर 16 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
सुबह में 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक राहुकाल। इसी के साथ सुबह में 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक गुलिक काल रहेगा। दोपहर में 3 बजकर 30 मिनट से शाम में 4 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 9 बजकर 24 मिनट से 10 बजकर 7 मिनट तक। भद्राकाल का समय सुबह में 7 बजकर 17 मिनट से 10 बजकर 19 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।