भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
आज रविवार है, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। आज से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होती है, जिसमें मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है, और कलश स्थापना के साथ नौ दिवसीय पर्व आरंभ होता है।
दिन—रविवार; मास—आश्विन; पक्ष—शुक्ल पक्ष; तिथि—प्रतिपदा; नक्षत्र—चित्रा; योग—वैधृति; विक्रम संवत—2083, शक—1948, चंद्र राशि—तुला। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना कर मां दुर्गा की पूजा की जाती है।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज रविवार आश्विन, शुक्ल, प्रतिपदा है। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, शरद ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 11 अक्टूबर 2026 , राहुकाल शाम 05 बजकर 30 मिनट से शाम 07 बजकर 00 मिनट तक। प्रतिपदा तिथि रात्रि 09 बजकर 30 मिनट तक उपरांत द्वितीया तिथि का आरंभ।
पंचांग विवरण
दिन - रविवार
तिथि - आश्विन शुक्ल प्रतिपदा, रात 9:30 बजे तक उपरांत द्वितीया तिथि का आरंभ।
नक्षत्र - चित्रा, रात 10:32 बजे तक
योग - वैधृति, रात 9:05 बजे तक
करण - किंस्तुघ्न, फिर बव
विक्रम संवत - 2083 , शक संवत -1948
चंद्र राशि - तुला
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय - प्रातः 06:19 बजे
सूर्यास्त - सायं 05:56 बजे
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11 बजकर 44 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक ।
अमृत काल - दोपहर 03 बजकर 55 मिनट से सायं 05 बजकर 34 मिनट तक ।
घटस्थापना मुहूर्त- सुबह 06 बजकर 19 मिनट से 10 बजकर 12 मिनट तक ।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल - शाम 05 बजकर 30 मिनट से शाम 07 बजकर 00 मिनट तक ।
गुलिक काल- दोपहर 03 बजकर 30 मिनट से शाम 05 बजकर 00 मिनट तक ।
यमगंड - दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से 01 बजकर 30 मिनट तक ।
आज के प्रमुख धार्मिक अवसर
- शारदीय नवरात्रि का आरंभ
- मां शैलपुत्री की पूजा
- घटस्थापना और कलश स्थापना
- महाराजा अग्रसेन जयंती
आज का धार्मिक महत्व
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से शारदीय नवरात्रि शुरू होती है। इस दिन भक्त मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा करते हैं और घरों तथा मंदिरों में कलश स्थापना कर नौ दिवसीय आराधना का संकल्प लेते हैं। घटस्थापना का मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय और पंचांग के अनुसार निर्धारित करना चाहिए।भक्त मंदिरों और घरों में सुख-समृद्धि की कामना के साथ कलश स्थापित करते हैं। आज के शुभ मुहूर्त (स्थापना हेतु) के लिए स्थानीय सूर्योदय के अनुसार समय देखें। धार्मिक संदेश: नवरात्रि आत्मशुद्धि, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व है। मां दुर्गा की आराधना के साथ सेवा, संयम और सदाचार का संकल्प लें।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।