भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाएगी। यह दिन तप, संयम, साधना और आत्मविश्वास का संदेश देता है।
आज के पंचांग की प्रमुख जानकारी
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज आश्विन, शुक्ल, द्वितीया, सोमवार है। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, शरद ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 12 अक्टूबर 2026 , राहुकाल सुबह 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजकर 00 मिनट तक। द्वितीया तिथि रात्रि 10 बजकर 13 मिनट तक उपरांत तृतीया तिथि का आरंभ।
- दिन: सोमवार
- विक्रम संवत: 2083
- मास: आश्विन
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- तिथि: द्वितीया रात्रि 10 बजकर 13 मिनट तक उपरांत तृतीया तिथि का आरंभ।
- नक्षत्र: स्वाती - रात 11:52 बजे तक
- योग: विष्कुम्भ - रात 8:32 बजे तक
- करण: बालव - सुबह 9:48 बजे तक
- ऋतु: शरद
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय सुबह 6:20 बजे
सूर्यास्त शाम 5:55 बजे
चंद्र राशि तुला
सूर्य राशि कन्या
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 11 बजकर 44 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक ।
अमृत काल - दोपहर 02 बजकर 35 मिनट से सायं 04 बजकर 16 मिनट तक ।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल - सुबह 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजकर 00 मिनट तक ।
गुलिक काल- दोपहर 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 00 मिनट तक ।
यमगंड - सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजकर 00 मिनट तक ।
- पर्व: शारदीय नवरात्र का दूसरा दिन
- आराध्य देवी: मां ब्रह्मचारिणी
पूजा और धार्मिक महत्व
नवरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की आराधना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां ब्रह्मचारिणी तपस्या, त्याग, धैर्य और दृढ़ संकल्प की प्रतीक हैं। भक्त इस दिन पूजा-पाठ, मंत्र जाप और ध्यान के माध्यम से सुख-समृद्धि तथा मानसिक शांति की कामना करते हैं।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।