भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, पौष, शुक्ल, दशमी, सौर पौष मास प्रविष्टे 16, रज्जब 09, हिजरी 1447 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 30 दिसंबर 2025 ई.। सूर्य उत्तरायण, दक्षिण गोल, शिशिर ऋतुः। राहुकाल दोपहर 03 बजे से अपराह्न 04 बजकर 30 मिनट तक। दशमी तिथि प्रातः 06 बजकर 38 मिनट तक उपरांत एकादशी तिथि का आरंभ।
भरणी नक्षत्र अर्धरात्रोत्तर 03 बजकर 58 मिनट तक उपरांत कृतिका नक्षत्र का आरंभ। सिद्धि योग अर्धरात्रोत्तर 01 बजकर 52 मिनट तक उपरांत साध्य योग का आरंभ। गर करण प्रातः 07 बजकर 51 मिनट तक उपरांत बव करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात मेष राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार - पुत्रदा एकादशी व्रत, वैकुण्ठ एकादशी का क्षय।
सूर्योदय का समय - 7 बजकर 13 मिनट तक।
सूर्यास्त का समय - 5 बजकर 34 मिनट तक।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 24 मिनट से 6 बजकर 19 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 7 मिनट से 2 बजकर 49 मिनट मिनट तक। निशीथ काल रात में 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 51 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 5 बजकर 31 मिनट से 5 बजकर 59 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
दोपहर में 3 बजे से 4 बजकर 30 मिनट तक राहुकाल रहेगा। दोपहर में 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 11 बजकर 06 मिनट से 12 बजकर 24 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 9 बजकर 18 मिनट से 9 बजकर 59 मिनट तक। भद्रा काल का समय सुबह में 6 बजकर 28 मिनट से अगले दिन सुबह में 5 बजे तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।