भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है। ये पांच अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
आज हिन्दू पंचांग के अनुसार आज रविवार है। शक संवत 1945 , विक्रमी संवत 2080, कलि संवत 5124, पौष शुक्ल, एकादशी । सौर माघ मास प्रविष्टे 08, रज्जब 09, हिजरी 1445 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 21 जनवरी सन् 2024 ई। सूर्य उत्तरायण, दक्षिण गोल, शिशिर ऋतुः। राहुकाल सायं 04 बजकर 30 मिनट तक। एकादशी तिथि सायं 07 बजकर 28 मिनट तक उपरांत द्वादशी तिथि का आरंभ।
रोहिणी नक्षत्र अर्धरात्रोत्तर 03 बजकर 52 मिनट तक उपरान्त मृगशिरा नक्षत्र का आरंभ। शुक्ल योग प्रातः 09 बजकर 47 मिनट तक उपरान्त ब्रह्म योग का आरंभ। विष्टि करण सायं 07 बजकर 28 मिनट तक उपरांत बव करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन-रात वृष राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार पुत्रदा एकादशी व्रत, शक माघ प्रारम्भ।
सूर्योदय का समय - सुबह 7 बजकर 13 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम 5 बजकर 50 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 27 मिनट से 6 बजकर 20 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 18 मिनट से 3 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि 12 बजकर 5 मिनट से 12 बजकर 59 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम 5 बजकर 48 मिनट से 6 बजकर 15 मिनट तक। अमृत काल सुबह 9 बजकर 52 मिनट से 11 बजकर 12 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल शाम 4 बजकर 30 मिनट से 6 बजे तक। दोपहर 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। दोपहर 3 बजकर 30 मिनट से 4 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। दुर्मुहूर्त काल सुबह 4 बजकर 26 मिनट से 5 बजकर 8 मिनट तक। भद्राकाल सुबह 7 बजकर 23 मिनट से 7 बजकर 26 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।