दलाई लामा ने लद्दाख में दिया करुणा और शांति का संदेश, श्रद्धालुओं से की मुलाकात
लेह/धर्मशाला | 19 जुलाई 2026
तिब्बती आध्यात्मिक गुरु परम पावन दलाई लामा इन दिनों लद्दाख प्रवास पर हैं, जहां वे विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ श्रद्धालुओं को आशीर्वाद और प्रवचन दे रहे हैं। हाल ही में उन्होंने लेह के स्टोक स्थित विशाल बुद्ध प्रतिमा परिसर में आयोजित विशेष प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया और करुणा, अहिंसा तथा मानवीय मूल्यों को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया।
इससे पहले 6 जुलाई को दलाई लामा का 91वां जन्मदिवस लेह में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। समारोह में भारत, नेपाल और अन्य देशों से आए हजारों श्रद्धालुओं, बौद्ध भिक्षुओं तथा अनुयायियों ने उनकी दीर्घायु और विश्व शांति के लिए प्रार्थना की।
लद्दाख प्रवास के दौरान दलाई लामा ने विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों और श्रद्धालुओं से भी मुलाकात की। उन्होंने युवाओं से नैतिक शिक्षा, सहिष्णुता और मानवता के मूल्यों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज में शांति और सद्भावना का मार्ग करुणा से होकर गुजरता है।
दूसरी ओर, दलाई लामा के उत्तराधिकार (Succession) का मुद्दा भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। तिब्बती पक्ष का कहना है कि भविष्य के दलाई लामा की पहचान धार्मिक परंपराओं के अनुसार की जाएगी, जबकि चीन इस प्रक्रिया पर अपना अधिकार जताता रहा है। यह विषय आने वाले समय में भी वैश्विक कूटनीतिक और धार्मिक विमर्श का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रह सकता है।
दलाई लामा वर्ष 1959 से भारत में निर्वासन का जीवन बिता रहे हैं और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित अपने निवास से विश्वभर में शांति, करुणा और अहिंसा का संदेश देते रहे हैं। उनकी शिक्षाएं आज भी दुनिया भर के लाखों अनुयायियों को प्रेरित करती हैं।