लेह, लद्दाख। तिब्बती आध्यात्मिक गुरु परम पावन दलाई लामा ने अपने 91वें जन्मदिन पर शुभकामनाएं देने वाले दुनिया भर के लोगों का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
अपने संदेश में दलाई लामा ने कहा कि 6 जुलाई को भारत के लद्दाख स्थित लेह में एकत्रित लोगों से उन्होंने जिस बात का उल्लेख किया था, वही उनके जीवन का मूल उद्देश्य रहा है। उन्होंने कहा कि जब वे अपने जीवन की ओर पीछे मुड़कर देखते हैं, तो पाते हैं कि उनकी साधना का केंद्र हमेशा दूसरों के कल्याण के लिए कार्य करना रहा है। इसी परोपकारी भावना के साथ वे हर दिन की शुरुआत करते हैं।
दलाई लामा ने कहा कि करुणा, दया और मानवता का प्रसार आज भी उनके जीवन का सबसे बड़ा मिशन है। उनका मानना है कि यदि दुनिया भर के लोग एक-दूसरे के प्रति सच्ची संवेदना और गर्मजोशी का भाव रखें, तो दुनिया सभी के लिए एक बेहतर स्थान बन सकती है।
उन्होंने दुनिया भर के लोगों, विशेषकर युवाओं और बुजुर्गों से अपील की कि वे दूसरों के कल्याण के प्रति वास्तविक चिंता रखते हुए करुणा और सद्भाव का अभ्यास करें। उनके अनुसार, सेवा, करुणा और निस्वार्थ भाव से जीवन जीना ही वास्तव में सार्थक और उद्देश्यपूर्ण जीवन है।
अपने स्वास्थ्य का उल्लेख करते हुए दलाई लामा ने बताया कि पिछले महीने नई दिल्ली में उनके बाएं घुटने की सफल चिकित्सा प्रक्रिया (सर्जरी) हुई थी, जिसके बाद वे लद्दाख में स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तरह इस समय लद्दाख की जलवायु उनके स्वास्थ्य के लिए अनुकूल है, इसलिए वे आने वाले कुछ सप्ताह यहीं रहने की योजना बना रहे हैं।
अपने संदेश के अंत में दलाई लामा ने सभी के लिए प्रार्थनाएं और शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए एक बार फिर जन्मदिन की शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद दिया।