बिहार विधानसभा चुनाव के लिए वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। पोस्टल बैलेट की गिनती के शुरुआती रुझान में बीजेपी 12 और महागठबंधन 6 सीट पर आगे चल रही है। हालांकि, यह अभी पोस्टल बैलेट पर ही आधारित है। ऐसे में इसमें अभी काफी बदलाव देखने को मिलेगा बिहार चुनाव में, मुकाबला मुख्य रूप से जनता दल-यूनाइटेड के नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और राजद के तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले विपक्षी महागठबंधन के बीच है। इस बार प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (जेएसपी) की मौजूदगी कई सीटों पर चुनाव नतीजों को प्रभावित कर सकती है।
पोस्टल बैलेट की गिनती के शुरुआती रुझान में मोकामा सीट से अनंत सिंह आगे चल रहे हैं। सिंह को 2022 में एक आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उन्हें अपनी विधानसभा सदस्यता गंवानी पड़ी थी। लेकिन मोकामा की जनता ने तब भी उनका साथ नहीं छोड़ा। 2022 के उपचुनाव में, उनकी पत्नी नीलम देवी को राजद ने मैदान में उतारा, जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सोनम देवी को बड़े अंतर से हराकर इस सीट को राष्ट्रीय जनता दल के पास बनाए रखा। अब 2025 के चुनावों में, अनंत सिंह फिर से जदयू में लौट आए हैं और पार्टी ने उन पर एक बार फिर भरोसा जताया है।
मोकामा की राजनीति पिछले तीन दशकों से किसी न किसी 'बाहुबली' के प्रभाव में रही है, लेकिन 2005 से यहां 'छोटे सरकार' यानी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के दिग्गज नेता अनंत सिंह का एक ऐसा अभेद्य किला बना हुआ है, जिसे भेदना हर विरोधी के लिए एक चुनौती रहा है। मोकामा में 1990 के दशक से ही बड़े-बड़े नेताओं का दबदबा रहा है। इसकी शुरुआत दिलीप कुमार सिंह उर्फ 'बड़े सरकार' ने की थी, जो 1990 और 1995 में जनता दल के टिकट पर विधायक बने थे और सालों तक मंत्री भी रहे। लेकिन 2005 से अनंत सिंह ने कमान संभाली और फिर यहां का राजनीतिक इतिहास 'छोटे सरकार' के नाम से लिखा जाने लगा।
सारण जिले के छपरा से महागठबंधन से राजद उम्मीदवार खेसारी लाल यादव आगे चल रहे हैं। मशहूर स्टार और सिंगर खेसारी का मुकाबला यहां बीजेपी की छोटी कुमारी से है। खास बात है कि बीजेपी को यहां टिकट बंटवारे के बाद विरोध का सामना करना पड़ा था।