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आज का पंचांग | 6 November 2026 Panchang | 6 नवंबर का पंचांग, तिथि, नक्षत्र और शुभ मुहूर्त

Updated on Thursday, November 05, 2026 16:08 PM IST

शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 का पंचांग
कार्तिक मास | कृष्ण पक्ष | विक्रम संवत 2083

शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि रहेगी। सुबह 10 बजकर 30 मिनट तक द्वादशी तिथि रहेगी, इसके बाद त्रयोदशी प्रारंभ होगी। इस दिन धनतेरस और शुक्र प्रदोष व्रत का विशेष धार्मिक महत्व रहेगा।

6 नवंबर 2026
शुक्रवार
विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी

शक संवत 1948
मास - कार्तिक
पक्ष - कृष्ण पक्ष
तिथि: द्वादशी सुबह 10:30 बजे तक, इसके बाद त्रयोदशी।

नक्षत्र: हस्त नक्षत्र अगले दिन सुबह 4:43 बजे तक, इसके बाद चित्रा।

योग: विष्कुम्भ योग अगले दिन सुबह लगभग 4:10 बजे तक, इसके बाद प्रीति योग।

करण: तैतिल सुबह 10:30 बजे तक, इसके बाद गर और फिर वणिज।

चंद्र राशि: कन्या।

सूर्य राशि: तुला।

सूर्योदय एवं सूर्यास्त
विवरण समय
सूर्योदय सुबह 6:37 बजे
सूर्यास्त शाम 5:33 बजे
चंद्रोदय अगले दिन सुबह 4:43 बजे के आसपास
चंद्रास्त दोपहर 3:31 बजे के आसपास

समय नई दिल्ली के पंचांग पर आधारित है। हिमाचल प्रदेश में स्थानीय समय में कुछ मिनट का अंतर संभव है।

शुभ एवं अशुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह लगभग 4:55 से 5:45 बजे
- राहुकाल: शुक्रवार को स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त के अनुसार गणना करें।
- अभिजीत मुहूर्त: स्थानीय मध्याह्न के आसपास।
- यमगण्ड: दोपहर बाद।

आज के व्रत एवं त्योहार
1. धनतेरस: मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा का विशेष महत्व।
2. शुक्र प्रदोष व्रत: भगवान शिव की पूजा और प्रदोष व्रत का दिन।
3. यमदीपदान: अकाल मृत्यु से रक्षा की कामना के साथ दीपदान की परंपरा।

धार्मिक महत्व
शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित माना जाता है। इस दिन धनतेरस के अवसर पर भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा-अर्चना करने की परंपरा है। शाम को घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है। प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है।

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