उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता एक हाथ में संविधान की प्रति लेकर संविधान की रक्षा का दिखावा करते हैं, लेकिन दूसरी ओर संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर लगातार सवाल उठाते हैं। यह कांग्रेस की कथनी और करनी के बीच अंतर को दर्शाता है।
इससे पूर्व, सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने राज्यपाल का स्वागत किया और उन्हें पारंपरिक हिमाचली टोपी, शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। अपने स्वागत संबोधन में डॉ. भारद्वाज ने कहा कि तीसरा डेस्टिनेशन हिमाचल एक्सपो-2026 प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
दरशना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि इस निर्णय से प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़ाने और स्वास्थ्य क्षेत्र को सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मेडिकल पीजी सीटों में वृद्धि से हिमाचल प्रदेश के युवाओं को उच्च चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिल सकते हैं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।
रजनीश धवाला ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में सीटों की संख्या बढ़ने से प्रदेश के मेडिकल स्नातकों को स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त करने के अधिक अवसर मिलेंगे। इससे भविष्य में विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं में प्रशिक्षित डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने में भी सहायता मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में भी केंद्र की मोदी सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों के भवन निर्माण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संस्थानों, कैंसर संस्थानों तथा विभिन्न आधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना और विस्तार के लिए बड़ी धनराशि उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार द्वारा अनेक परियोजनाओं को समय पर पूरा नहीं किए जाने और स्वीकृत धनराशि का समुचित उपयोग नहीं होने के कारण मरीजों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
उन्होंने कहा कि लाहौल-स्पीति जैसे दुर्गम जनजातीय क्षेत्रों में संगठन की सक्रियता विशेष महत्व रखती है। कार्यकर्ताओं को स्थानीय समस्याओं, सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा, पर्यटन और रोजगार जैसे विषयों को प्राथमिकता के साथ उठाना चाहिए।
नड्डा ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि वह इन सभी 320 सीटों के समयबद्ध सृजन के लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं अन्य प्रक्रियाएं बिना किसी देरी के पूरी करे, ताकि केंद्र सरकार की इस स्वीकृति का लाभ जल्द से जल्द प्रदेश के युवाओं और आम जनता तक पहुंच सके।
विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और समर्पण और कड़ी मेहनत के साथ उन्हें हासिल करने का आह्वान करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सफलता का आकलन केवल अंकों या पदों से नहीं, बल्कि चरित्र, आचरण और समाज के प्रति योगदान से किया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से जल, जंगल और जमीन के संरक्षण तथा सतत जीवनशैली अपनाकर हिमालयी पर्यावरण के जिम्मेदार संरक्षक बनने का आह्वान किया।
कश्यप ने मुख्यमंत्री से पूछा कि पालमपुर सहित अन्य हेलीपोर्टों के विकास में केंद्र और राज्य का वास्तविक वित्तीय योगदान कितना है? कितनी धनराशि स्वीकृत हुई, कितनी खर्च हुई और कौन-से कार्य पूरे हुए? सरकार इन सभी तथ्यों को सार्वजनिक करे।
श्रीकांत शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण में हिमाचल प्रदेश के लिए 2,247 करोड़ रुपये से अधिक की 294 सड़क परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें लाहौल-स्पीति की दो सड़कें भी शामिल हैं।