भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
आज हिन्दू पंचांग के अनुसार आज रविवार है। शक संवत 1945 , विक्रमी संवत 2080, कलि संवत 5124, हिजरी संवत 1444, 45 । कार्तिक, कृष्ण, प्रतिपदा, सौर कार्तिक मास प्रविष्टे 13, रबि-उल्सानी-13, तदनुसार अंग्रेजी तारीख 29 अक्टूबर सन् 2023 ई। सूर्य दक्षिणायन, दक्षिण गोल, हेमन्त ऋतु। राहुकाल सायं 04 बजकर 30 मिनट से 06 बजे तक। प्रतिपदा तिथि रात्रि 11 बजकर 54 मिनट तक उपरांत द्वितीया तिथि का आरंभ।
भरणी नक्षत्र अगले दिन तड़के 04 बजकर 42 मिनट तक उपरांत कृतिका नक्षत्र का आरंभ। सिद्धि योग रात्रि 08 बजकर 01 मिनट तक उपरांत व्यतीपात योग का आरंभ। बावल करण मध्याह्न 12 बजकर 54 मिनट तक उपरांत द्वितीया तिथि का आरंभ। भरणी नक्षत्र अगले दिन तड़के 04 बकर 42 मिनट तक उपरांत कृतिका नक्षत्र का आरंभ। सिद्धि योग रात्रि 08 बजकर 01 मिनट तक उपरांत व्यतीपात योग का आरंभ। बालव करण मध्याह्न 12 बजकर 54 मिनट तक उपरांत तैतिल करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात मेष राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार कार्तिक कृष्ण पक्ष प्रारंभ, ग्रहण वेध दिन।
सूर्योदय का समय - सुबह 6 बजकर 30 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 5 बजकर 39 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 48 मिनट से 5 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 42 मिनट से 12 बजकर 27 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 56 मिनट से दोपहर में 2 बजकर 41 मिनट तक। निशिथ काल मध्यरात्रि 11 बजकर 39 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 5 बजकर 39 मिनट से 6 बजकर 4 मिनट तक। अमृत काल सुबह 10 बजकर 41 मिनट से 12 बजकर 5 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल शाम में 4 बजकर 30 मिनट से 6 बजे तक। दोपहर 3 बजकर 30 मिनट से 4 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। दोपहर 12 बजे से लेकर 1 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। दुर्मुहूर्त काल शाम में 4 बजकर 10 मिनट से 4 बजकर 54 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।