1 नवंबर 2026 का पंचांग - रविवार | कार्तिक मास | कृष्ण पक्ष - विक्रम संवत 2083 • शक संवत 1948
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज रविवार कार्तिक, कृष्ण, सप्तमी है। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, शरद ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 1 नवंबर 2026, राहुकाल शाम 05 बजकर 30 मिनट से शाम 07 बजकर 00 मिनट तक। सप्तमी तिथि दोपहर 02 बजकर 51 मिनट तक उपरांत अष्टमी तिथि का आरंभ।
पंचांग विवरण
दिन रविवार
माह कार्तिक
पक्ष कृष्ण पक्ष
तिथि सप्तमी दोपहर 2:51 बजे तक ,अगली तिथि कृष्ण अष्टमी
नक्षत्र पुष्य, 2 नवंबर सुबह 4:30 बजे तक , अगला नक्षत्र आश्लेषा
योग साध्य, दोपहर 2:39 बजे तक
अगला योग शुभ
करण बव, दोपहर 2:51 बजे तक
अगला करण बालव
विक्रम संवत 2083
शक संवत 1948
ऋतु हेमंत
सूर्य राशि तुला
चंद्र राशि कर्क
☀️ सूर्य एवं चंद्रमा
- सूर्योदय: प्रातः लगभग 6:35 बजे
- सूर्यास्त: सायं लगभग 5:33 बजे
- चंद्रोदय: रात्रि लगभग 11:40 बजे
- चंद्रास्त: दोपहर लगभग 12:40 बजे
शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:50 से 5:42 बजे (लगभग)
- अभिजीत मुहूर्त: प्रातः 11:42 से दोपहर 12:27 बजे (लगभग)
- अमृत काल: रात्रि लगभग 10:25 से 11:56 बजे
अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल: सायं लगभग 5:30 से 7:00 बजे
- यमगण्ड: दोपहर लगभग 12:05 से 1:28 बजे
- गुलिक काल: दोपहर लगभग 3:30 से 5:00 बजे
धार्मिक महत्व
1 नवंबर को अहोई अष्टमी व्रत मनाया जाएगा। यह व्रत माताएं अपनी संतान की सुख-समृद्धि, दीर्घायु और मंगलकामना के लिए रखती हैं। इसके अतिरिक्त भानु सप्तमी, राधाकुंड स्नान और कालाष्टमी का भी विशेष धार्मिक महत्व है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
नोट: पंचांग के समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं।