28 अक्टूबर 2026 का पंचांग - बुधवार | कार्तिक मास | कृष्ण पक्ष
28 अक्टूबर 2026, बुधवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि रहेगी। इस दिन कृत्तिका नक्षत्र के बाद रोहिणी नक्षत्र का आरंभ होगा। पंचांग के अनुसार दिन के शुभ-अशुभ समय का ध्यान रखकर धार्मिक कार्यों और दैनिक योजनाओं का निर्धारण किया जा सकता है।
पंचांग विवरण
दिन - बुधवार
विक्रम संवत - 2083
शक संवत - 1948
मास - कार्तिक (पूर्णिमांत), आश्विन (अमान्त)
पक्ष - कृष्ण पक्ष
तिथि - तृतीया, 29 अक्टूबर रात लगभग 1:07 बजे तक
नक्षत्र - कृत्तिका, दोपहर लगभग 1:26 बजे तक
योग - व्यतीपात, सुबह लगभग 7:18 बजे तक; फिर वरीयान
करण - वणिज, दोपहर लगभग 2:37 बजे तक; फिर विष्टि (भद्रा)
चंद्र राशि - वृषभ
सूर्य राशि - तुला
ऋतु - शरद
सूर्योदय - सुबह लगभग 6:37 बजे
सूर्यास्त - शाम लगभग 5:38 बजे
समय में कुछ मिनट का अंतर स्थानीय गणना पद्धति के कारण संभव है।
शुभ और अशुभ समय
मुहूर्त समय
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:54–5:46 बजे
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:46–दोपहर 12:30 बजे
राहुकाल दोपहर 12:08–1:30 बजे
गुलिक काल सुबह 10:45–दोपहर 12:08 बजे
यमगंड सुबह 8:00–9:23 बजे
गोधूलि मुहूर्त शाम 5:14–6:02 बजे
प्रदोष काल शाम 5:38–7:08 बजे
धार्मिक महत्व
- बुधवार को भगवान गणेश और बुध देव की पूजा करना शुभ माना जाता है।
- कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार पूजा-पाठ, जप और दान कर सकते हैं।
- कृत्तिका के बाद रोहिणी नक्षत्र शुरू होगा। रोहिणी नक्षत्र को पारंपरिक ज्योतिष में चंद्रमा का प्रिय नक्षत्र माना जाता है।
विशेष सूचना: 29 अक्टूबर 2026 को करवा चौथ और संकष्टी चतुर्थी मनाई जाएगी।