भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज आश्विन, शुक्ल, द्वादशी, शुक्रवार है। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, शरद ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 23 अक्टूबर 2026, राहुकाल सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजकर 00 मिनट तक। द्वादशी तिथि दोपहर 02 बजकर 35 मिनट तक उपरांत त्रयोदशी तिथि का आरंभ।
पंचांग विवरण
• वार: शुक्रवार
• माह: आश्विन (पूर्णिमांत / अमांत)
• पक्ष: शुक्ल पक्ष
• तिथि: द्वादशी (दोपहर 02:35 PM तक, उसके बाद त्रयोदशी)
• नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद (रात्रि 09:02 PM तक, उसके बाद उत्तराभाद्रपद)
• योग: ध्रुव (रात्रि 10:08 PM तक, उसके बाद व्याघात)
• करण: बव (दोपहर 02:35 PM तक)
• विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी)
• शक संवत: 1948 (परभव)
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (नई दिल्ली के अनुसार)
• सूर्योदय: सुबह 06:27 AM
• सूर्यास्त: शाम 05:44 PM
• चंद्रोदय: दोपहर 03:55 PM
• चंद्रास्त: सुबह 04:16 AM (24 अक्टूबर)
• चंद्र राशि: कुंभ राशि (दोपहर 03:03 PM तक, उसके बाद मीन राशि)
• सूर्य राशि: तुला राशि
शुभ मुहूर्त
• ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:45 AM से सुबह 05:36 AM
• अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:43 AM से दोपहर 12:28 PM
• रवि योग: रात्रि 09:02 PM से
अशुभ मुहूर्त (राहुकाल आदि)
• राहुकाल: सुबह 10:41 AM से दोपहर 12:05 PM
• यमगंड: दोपहर 02:54 PM से
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।