शनिवार | शारदीय नवरात्रि | विक्रम संवत 2083
17 अक्टूबर 2026 को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है। यह शनिवार का दिन है। पंचांग के अनुसार, दिन में मूल नक्षत्र के बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र रहेगा। शारदीय नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और सरस्वती पूजा का भी विशेष महत्व है।
पंचांग के प्रमुख विवरण
- दिन: शनिवार
- मास: आश्विन
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- तिथि: षष्ठी सुबह 5:54 बजे तक, इसके बाद सप्तमी
- नक्षत्र: मूल सुबह 9:47 बजे तक, इसके बाद पूर्वाषाढ़ा
- योग: अतिगण्ड
- करण: तैतिल के बाद गर और फिर वणिज
- विक्रम संवत: 2083
- शक संवत: 1948
- ऋतु: शरद ऋतु
- चंद्र राशि: धनु
- सूर्य राशि: कन्या
शुभ और अशुभ समय
सूर्योदय
सुबह 6:23 बजे
सूर्यास्त
शाम 5:49 बजे
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:43 से दोपहर 12:29 बजे तक
राहुकाल
सुबह 9:15 से 10:41 बजे तक
यमगण्ड काल
दोपहर 1:32 से 2:58 बजे तक
समय नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार है।
धार्मिक महत्व
शनिवार को भगवान शनिदेव और हनुमान जी की पूजा करना शुभ माना जाता है। शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना, दुर्गा सप्तशती का पाठ और जरूरतमंदों को दान देना श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है।
तिथि और नक्षत्र के समय दिल्ली के प्रकाशित पंचांग पर आधारित हैं। स्थानीय समय में कुछ मिनटों का अंतर संभव है।