21 अक्टूबर 2026 का पंचांग
बुधवार | विक्रम संवत 2083 | शरद ऋतु
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
21 अक्टूबर 2026, बुधवार को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि रहेगी। दोपहर के बाद एकादशी तिथि आरंभ होगी। इस दिन धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा, जो शाम को समाप्त होकर शतभिषा नक्षत्र में परिवर्तित होगा।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज आश्विन, शुक्ल, दशमी, बुधवार है। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, शरद ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 21 अक्टूबर 2026, राहुकाल दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से 01 बजकर 30 मिनट तक। दशमी तिथि दोपहर 02 बजकर 11 मिनट तक उपरांत एकादशी तिथि का आरंभ।
पंचांग के प्रमुख विवरण
पंचांग विवरण
दिन बुधवार
विक्रम संवत 2083
शक संवत 1948
मास आश्विन
पक्ष शुक्ल पक्ष
तिथि दशमी दोपहर लगभग 2:11 बजे तक, फिर एकादशी
नक्षत्र धनिष्ठा शाम लगभग 7:45 बजे तक, फिर शतभिषा
योग गण्ड योग
करण गर
चंद्र राशि मकर से कुंभ
सूर्य राशि तुला
तिथि और नक्षत्र के समय पंचांग गणना तथा स्थान के अनुसार कुछ मिनट अलग हो सकते हैं।
सूर्योदय और सूर्यास्त
- सूर्योदय: सुबह लगभग 6:28 बजे
- सूर्यास्त: शाम लगभग 5:44 बजे
- चंद्रोदय: दोपहर लगभग 2:46 बजे
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त -
अभिजीत मुहूर्त -
अमृत काल - प्रातः 08 बजकर 38 मिनट से प्रातः 10 बजकर 21 मिनट तक ।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल - दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से 01 बजकर 30 मिनट तक ।
गुलिक काल- सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजकर 00 मिनट तक ।
यमगंड - सुबह 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजकर 00 मिनट तक ।
धार्मिक महत्व
बुधवार भगवान गणेश और बुध ग्रह की उपासना के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन गणेश जी की पूजा, मंत्र-जप और जरूरतमंदों को हरी मूंग का दान करना परंपरागत रूप से शुभ माना जाता है।
विशेष सूचना: 21 अक्टूबर को एकादशी व्रत की तैयारी करने वाले श्रद्धालु तिथि परिवर्तन का ध्यान रखें। दशमी के बाद एकादशी दोपहर में आरंभ होगी; व्रत की तारीख और पारण का निर्णय स्थानीय वैष्णव या स्मार्त पंचांग के अनुसार करें।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।