हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग के नाम से जाना जाता है। पंचांग के माध्यम से समय और काल की सटीक गणना की जाती है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है। ये पांच अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण है। यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदूमास और पक्ष आदि की जानकारी देते हैं। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज आश्विन, शुक्ल, त्रयोदशी, शनिवार है। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, शरद ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 24 अक्टूबर 2026 , राहुकाल सुबह 09 बजकर 00 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक। त्रयोदशी तिथि दोपहर 01 बजकर 36 मिनट तक उपरांत चतुर्दशी तिथि का आरंभ।
पंचांग विवरण
• तिथि: शुक्ल पक्ष त्रयोदशी (दोपहर 01:36 बजे तक, उसके बाद चतुर्दशी)
• नक्षत्र: उत्तर भाद्रपदा (रात 08:32 बजे तक, उसके बाद रेवती)
• योग: व्याघात (रात 08:01 बजे तक)
• करण: तैतिल (दोपहर 01:36 बजे तक)
• वार: शनिवार (शणिवासर)
• विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी)
• मास / पक्ष: आश्विन मास, शुक्ल पक्ष
• चंद्र राशि: मीन
• सूर्य राशि: तुला
• ऋतु: हेमंत
• अयन: दक्षिणायन
सूर्य और चंद्रमा का समय
• सूर्योदय: सुबह 06:27 AM
• सूर्यास्त: शाम 05:43 PM
• चंद्रोदय: शाम 04:26 PM
• चन्द्रास्त: सुबह 05:18 AM (25 अक्टूबर)
शुभ मुहूर्त
• ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:46 AM से 05:36 AM
• अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:43 AM से दोपहर 12:28 PM
• विजया मुहूर्त: दोपहर 01:58 PM से 02:43 PM
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल - सुबह 09 बजकर 00 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक ।
गुलिक काल- सुबह 06 बजकर 00 मिनट से 07 बजकर 30 मिनट तक ।
यमगंड - दोपहर 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 30 मिनट तक ।
• पंचक: पूरे दिन
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।