Hindi English Saturday, 31 October 2026
BREAKING
• राज्यपाल ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर श्रद्धाजंलि अर्पित की • AAP ने पंजाब चुनाव 2027 के लिए घोषित किए 40 उम्मीदवार, धूरी से लड़ेंगे भगवंत मान • मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटना में पांच लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया • टिक्कर के दरोटी में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में पांच लोगों की मृत्यु पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शोक व्यक्त किया • प्रदेश सरकार ने एआईएमएसएस चमियाना में विभिन्न पदों और सेवाओं को स्वीकृति प्रदान की • प्रदेश सरकार ने एआईएमएसएस चमियाना में विभिन्न पदों और सेवाओं को स्वीकृति प्रदान की • प्रदेश सरकार अगले वर्ष 31 मार्च तक स्वास्थ्य संस्थानों में स्टॉफ की संख्या 70 प्रतिशत से अधिक करने के लिए प्रयासरतः मुख्यमंत्री • 24 किस्तों में किसानों को लगभग 5,230 करोड़ रुपये की सहायता, प्रधानमंत्री मोदी का आभार : बिंदल • जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन को लेकर केलांग में समीक्षा बैठक आयोजित, 1 से 15 नवंबर तक होंगी विभिन्न गतिविधियां • सुप्रीम कोर्ट से झटका, डेढ़ लाख कर्मचारियों के अधिकारों से खिलवाड़ :सुमीत शर्मा

धर्म/अध्यात्म

More News

अध्याय - 5 | कार्तिक महात्म्य व्रत कथा के पांचवें अध्याय में बताई गई कार्तिक स्नान, शौच और पूजन की विधि

Updated on Saturday, October 31, 2026 05:36 AM IST

# कार्तिक महात्म्य व्रत कथा के पांचवें अध्याय में बताई गई कार्तिक स्नान, शौच और पूजन की विधि

**श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर बोहन में श्रद्धा और भक्ति के साथ हो रहा कार्तिक महात्म्य कथा का आयोजन**

**ज्वालामुखी।** श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, बोहन में आयोजित कार्तिक महात्म्य व्रत कथा के पांचवें अध्याय में कार्तिक मास के दौरान किए जाने वाले स्नान, दैनिक शुद्धि, दंतधावन, भगवान विष्णु एवं शिवजी की पूजा-अर्चना तथा व्रत के धार्मिक नियमों का विस्तार से वर्णन किया गया।

कथा के अनुसार, राजा पृथु ने नारदजी से कार्तिक और माघ मास के धार्मिक महत्व को सुनने के बाद इनके विधिपूर्वक स्नान, व्रत के नियमों और उद्यापन की विधि के बारे में जानने की जिज्ञासा प्रकट की। इस पर नारदजी ने उन्हें बताया कि कार्तिक मास का व्रत आश्विन शुक्ल पक्ष की एकादशी से आरंभ करने का विधान है। व्रत करने वाले व्यक्ति को प्रतिदिन रात्रि के अंतिम प्रहर में उठकर शारीरिक शुद्धि और नित्य कर्मों के बाद भगवान की आराधना करनी चाहिए।

अध्याय में शौच एवं स्वच्छता के महत्व को विशेष रूप से समझाया गया है। इसमें गृहस्थ, ब्रह्मचारी, वानप्रस्थ और संन्यासियों के लिए शुद्धि के अलग-अलग नियम बताए गए हैं। साथ ही यह संदेश दिया गया है कि धार्मिक अनुष्ठानों में बाहरी और आंतरिक पवित्रता का विशेष महत्व है।

इसके बाद दंतधावन अर्थात दातुन करने की विधि का वर्णन किया गया है। दातुन ग्रहण करते समय वनस्पति से आयु, बल, कीर्ति, तेज, बुद्धि और विद्या की कामना करने वाला मंत्र पढ़ने का विधान बताया गया है। कुछ विशेष तिथियों और अवसरों पर दातुन न करने तथा उपयुक्त वृक्षों की दातुन का ही उपयोग करने की बात कही गई है।

कथा में बताया गया है कि स्नान और नित्य कर्मों के बाद श्रद्धालु को फूल, माला, चंदन और पूजन सामग्री लेकर भगवान विष्णु अथवा शिवजी के मंदिर जाना चाहिए। वहां विधिपूर्वक पूजा-अर्चना, अर्घ्य, आचमन, प्रणाम और परिक्रमा करनी चाहिए। इसके साथ ही भजन, कीर्तन, संगीत और नृत्य के माध्यम से भगवान का गुणगान करना भी कार्तिक मास की उपासना का महत्वपूर्ण अंग बताया गया है।

नारदजी ने भगवान विष्णु के वचनों का उल्लेख करते हुए बताया कि भगवान वहां विशेष रूप से निवास करते हैं, जहां उनके भक्त प्रेम और श्रद्धा से उनका गुणगान करते हैं। भगवान को अपने भक्तों का सम्मान और उनके भजन-कीर्तन से उतनी ही प्रसन्नता होती है, जितनी विधिपूर्वक पूजा-अर्चना से भी होती है।

अध्याय में विभिन्न देवी-देवताओं की पूजा में उचित पुष्प और पूजन सामग्री के चयन का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही पूजा समाप्त होने पर भगवान से अपनी भूलों के लिए क्षमा मांगने, दंडवत प्रणाम करने और भजन-कीर्तन करने की प्रेरणा दी गई है।

कथा के अंत में बताया गया है कि जो श्रद्धालु कार्तिक मास में रात्रि के समय भगवान विष्णु और भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं, वे पुण्य के भागी बनते हैं और अपने पूर्वजों सहित विष्णुलोक की प्राप्ति के अधिकारी होते हैं।

**पांचवें अध्याय का मुख्य संदेश यही है कि कार्तिक मास में शारीरिक पवित्रता, नियम-संयम, श्रद्धापूर्वक पूजा और भगवान के नाम का गुणगान जीवन को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाते हैं।**

Have something to say? Post your comment
आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 31 अक्टूबर 2026 का पंचांग

आज का पंचांग : आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 31 अक्टूबर 2026 का पंचांग

श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर बोहन में कार्तिक महात्म्य व्रत कथा का चौथा अध्याय: जानिए क्यों भगवान मछली के समान रूप धारण कर विन्ध्यवासी कश्यप ऋषि की अञ्जलि में आ पहुंचे

अध्याय - 4 : श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर बोहन में कार्तिक महात्म्य व्रत कथा का चौथा अध्याय: जानिए क्यों भगवान मछली के समान रूप धारण कर विन्ध्यवासी कश्यप ऋषि की अञ्जलि में आ पहुंचे

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 30 अक्टूबर 2026 का पंचांग

आज का पंचांग : आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 30 अक्टूबर 2026 का पंचांग

श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर बोहन में कार्तिक महात्म्य व्रत कथा का तीसरा अध्याय: जानिए क्यों भगवान श्रीकृष्ण को प्रिय है कार्तिक मास

अध्याय 3 : श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर बोहन में कार्तिक महात्म्य व्रत कथा का तीसरा अध्याय: जानिए क्यों भगवान श्रीकृष्ण को प्रिय है कार्तिक मास

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 29 अक्टूबर 2026 का पंचांग

आज का पंचांग : आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 29 अक्टूबर 2026 का पंचांग

श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर बोहन ज्वालामुखी में चल रही कार्तिक महात्मय व्रत कथा का दूसरा अध्याय

अध्याय 2 : श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर बोहन ज्वालामुखी में चल रही कार्तिक महात्मय व्रत कथा का दूसरा अध्याय

 आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 28 अक्टूबर 2026 का पंचांग

आज का पंचांग : आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 28 अक्टूबर 2026 का पंचांग

श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर बोहन ज्वालामुखी में चल रही श्री कार्तिक माहात्म्य व्रत कथा का पहला अध्याय

अध्याय - 1 : श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर बोहन ज्वालामुखी में चल रही श्री कार्तिक माहात्म्य व्रत कथा का पहला अध्याय

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 27 अक्टूबर 2026 का पंचांग

आज का पंचांग : आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 27 अक्टूबर 2026 का पंचांग

बगलामुखी मंदिर के सरकारी अधिग्रहण की मांग, अनुराग ठाकुर पहले भी उठा चुके हैं मुद्दा

धर्मशाला : बगलामुखी मंदिर के सरकारी अधिग्रहण की मांग, अनुराग ठाकुर पहले भी उठा चुके हैं मुद्दा

X