मानसिक रूप से विक्षिप्त परिवार
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला के चुराह इलाके का मानसिक रूप से विक्षिप्त एक परिवार सरकारी उपेक्षा के चलते प्रशासन की उदासीनता का शिकार हो रहा है। जिससे यह परिवार सरकारी योजनाओं का लाभ तक नहीं ले पा रहा है।
यह परिवार पिछले दस सालों से राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली विकलांगता पेंशन का लाभ लेने के लिए दर दर की ठोंकरे खा रहा हे।
आलम यह है कि पूरा परिवार राम भरोसे अपनी जिंदगी गुजर बसर कर रहा है। सरकार इनकी मदद को आगे नहीं आ पाई है। परिवार मानसिक रूप से विक्षिप्त है। लेकिन इनकी दुर्दशा पर किसी का भी दिल नहीं पसीजा। बताया जा रहा है कि ईशर, उसकी पत्नी छकनी और चार बच्चे सीतो, टेकी, लेख राज और भीश कुमार सभी जन्म से ही मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं।
यह लोग हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की चुराहा तहसील के भगाईगढ़ पंचायत के कुंगा गांव में रहते हैं। यह दुर्गम इलाका है। यहां पहुंचना आसान नहीं है। इलाके के लोग बताते हैं कि , यह परिवार अपने घर से बाहर निकलने और अपनी विकलांगता दिखाने के लिए चंबा में मेडिकल बोर्ड के सामने पेश होने की स्थिति में नहीं हैं।
स्थानीय पंचायत प्रधान शकुंतला देवी ने कई बार राज्य के अधिकारियों और जिला प्रशासन के समक्ष अपनी समस्या रखी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। यहां तक कि वह इस परिवार को ’खुला दरबार’ में भी ले गईं, जो पिछली सरकार का सार्वजनिक शिकायतों के समाधान के लिए एक लोकप्रिय कार्यक्रम था।
उन्होंने इस संबंध में चंबा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) और अन्य अधिकारियों से भी मुलाकात की।
पंचायत प्रधान ने कहा कि सरकार को ईशर और उसके परिवार की मेडिकल जांच के लिए गांव में डॉक्टरों की एक टीम भेजनी चाहिए। उन्होंने सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से भी दखल देने की गुहार लगाई है।