भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
आज हिन्दू पंचांग के अनुसार शक संवत 1945, वैशाख, शुक्ल चतुर्थी, सोमवार, विक्रम संवत 2080। सौर वैशाख मास प्रविष्टे 11। शव्वाल-03, हिजरी 1444 (मुस्लिम), तदनुसार अंग्रेजी तारीख 24 अप्रैल सन् 2023 ई०। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, ग्रीष्म ऋतु। राहुकाल प्रातः 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजे तक। चतुर्थी तिथि प्रातः 08 बजकर 25 मिनट तक उपरांत पंचमी तिथि का आरंभ। मृगशिरा नक्षत्र अर्धरात्रोत्तर 02 बजकर 07 मिनट तक उपरांत आर्द्रा नक्षत्र का आरंभ।
शोभन योग प्रातः 07 बजकर 48 मिनट तक उपरांत अतिगण्ड योग का आरंभ। विष्टि करण प्रातः 08 बजकर 25 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ। चंद्रमा अपराह्न 01 बजकर 13 मिनट तक वृष उपरांत मिथुन राशि पर संचार करेगा।
सूर्योदय का समय - सुबह 5 बजकर 46 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम 6 बजकर 51 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से 1 बजकर 2 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 44 मिनट से 3 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। निशीथ काल मध्यरात्रि 12 बजकर 14 मिनट से 12 बजकर 59 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम 6 बजकर 57 मिनट से 7 बजकर 20 मिनट तक। अमृत काल दोपहर 4 बजकर 43 मिनट से 6 बजकर 25 मिनट तक। सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग सुबह 6 बजकर 15 मिनट से अगली सुबह 2 बजकर 7 मिनट तक। रवि योग अगली सुबह 2 बजकर 7 मिनट से 6 बजकर 15 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक। सुबह 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक यमगंड रहेगा। दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक गुलिक काल रहेगा।
दुर्मुहूर्त काल दोपहर 1 बजकर 2 मिनट से 1 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। इसके बाद दोपहर 3 बजकर 35 मिनट से 4 बजकर 26 मिनट तक। भद्रा सुबह 6 बजकर 15 मिनट से रात्रि 8 बजकर 24 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है
ज्योतिषी लोगों को सुझाव देते हैं कि वे अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।