मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्थानीय सरकारों अर्थात नगर निकायों को पूर्ण स्वायत्ता देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि स्थानीय स्तर पर होने वाले कार्य समयबद्ध तरीके से और त्वरित ढंग से हो सकें। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए निकायों को पैसा दिया जाएगा। मनोहर लाल ने कहा कि वर्ष 2022-23 के राज्य के अपने कर राजस्व (एसओटीआर) लगभग 65 हजार करोड़ रुपये में से लगभग 3600 करोड़ रुपये नगर निकायों को दिये जाएंगे। इसके अलावा पिछला बकाया 500 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। इस प्रकार 4100 करोड़ रुपये नगर निकायों को मिलेंगे।
मुख्यमंत्री आज नगर निगमों के महापौरों और जिला नगर आयुक्तों के साथ शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ कमल गुप्ता भी बैठक में उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने बैठक में घोषणा करते हुए कहा कि नगर निगम, नगर परिषद व नगर पालिकाओं के कार्यालय भवन बनाने का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। भवन के लिए यदि कहीं जमीन खरीदने की या किसी विभाग से हस्तांतरित करने की भी आवश्यकता है तो उसका खर्च भी राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई निकाय अपनी जमीन पर कोई भवन बनाकर वाणिज्यिक गतिविधियां करना चाहती है, तो कर सकती है। इससे निकायों को अतिरिक्त आय होगी और यह पैसा जनता के हित में काम आएगा। इसके लिए इस प्रकार के प्रोजेक्ट ऋण लेकर या पीपीपी मोड पर संचालित करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जन्म, मृत्यु और विवाह प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने की समय सीमा को 21 दिन से बढ़ाकर 30 दिन करने के निर्देश दिए। तत्पश्चात विलंब शुल्क के साथ आवेदन करने का प्रावधान किया जाए।