महाराजा अग्रसेन जी को दी श्रद्धांजलि, कहा- उनके आदर्श भावी पीढ़ियों को करते रहेंगे प्रेरित
हिमाचल प्रदेश एवं हरियाणा के सांस्कृतिक मूल्य सहयोग, सद्भाव और सामूहिक कल्याण की भावना के प्रतीकः राज्यपाल
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने वर्ष, 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक सद्भाव, उद्यमशीलता, आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास राष्ट्र की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राज्यपाल हरियाणा के हिसार में अग्रोहा विकास ट्रस्ट द्वारा आयोजित 43वें वार्षिक अग्रोहा मेले एवं सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने महाराजा अग्रसेन जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सेवा, समानता, सहयोग और सामाजिक सद्भाव पर आधारित उनके आदर्श पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
राज्यपाल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी केवल एक महान शासक ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी समाज सुधारक भी थे। उन्होंने ऐसे समाज की परिकल्पना की जिसमें समृद्धि का लाभ सभी को मिले और प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान एवं गरिमा के साथ जीवन जीने का अवसर प्राप्त हो। उन्होंने ‘एक ईंट, एक रुपया’ की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सामुदायिक सहयोग, सामूहिक उत्तरदायित्व और आत्मनिर्भरता की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है।
अग्रवाल समाज के योगदान की सराहना करते हुए श्री गुप्ता ने व्यापार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि समाज द्वारा जनकल्याण के उद्देश्य से स्थापित विद्यालय, अस्पताल, धर्मशालाएं और गौशालाएं सेवा, परोपकार तथा सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति उसकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने नागरिकों से एक समृद्ध, सशक्त, आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से उन्नत भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने राष्ट्रीय एकता, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने पर भी बल दिया।
राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने के साथ-साथ आधुनिक ज्ञान, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के साझा सांस्कृतिक मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों राज्यों की परंपराएं आपसी सहयोग, जनकल्याण और सामूहिक प्रयासों की भावना को सुदृढ़ करती हैं।
राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि महाराजा अग्रसेन जी की महान विरासत आने वाली पीढ़ियों को सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रेरित करती रहेगी।
इस अवसर पर राज्यसभा के पूर्व सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा भी उपस्थित रहे। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों की महत्ता तथा सामाजिक कल्याण, सामुदायिक सहयोग और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उनकी आज भी प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में हरियाणा सरकार के मंत्री विपुल गोयल, पंजाब सरकार के मंत्री वीरेंद्र गोयल, महाब्रह्मर्षि कुमार स्वामी जी, गायक एवं अभिनेता मासूम शर्मा, भजन गायिका अंजलि द्विवेदी, अग्रोहा धाम के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग, राष्ट्रीय महासचिव गजानन गुप्ता तथा राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष पवन गर्ग सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।