चंडीगढ़, 14 मार्च: हरियाणा की राजनीति में इन दिनों कई मुद्दों को लेकर हलचल तेज हो गई है। राज्यसभा चुनाव, दलों की रणनीति और सरकार-विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप के चलते प्रदेश का सियासी माहौल गरमाया हुआ है।
हरियाणा में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। विपक्षी दलों को विधायकों की टूट-फूट की आशंका है, जिसके चलते अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिशें तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि चुनाव से पहले दलों के बीच जोड़-तोड़ की राजनीति भी देखने को मिल सकती है।
सरकार ने विकास कार्यों को बनाया मुख्य मुद्दा
राज्य सरकार का कहना है कि प्रदेश में विकास कार्यों की गति तेज की गई है। सरकार का दावा है कि बुनियादी ढांचे, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में कई नई योजनाएँ लागू की जा रही हैं, जिनसे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
विपक्ष का आरोप – जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा
विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि प्रदेश में बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दे गंभीर हैं, लेकिन सरकार इन मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। विपक्ष का कहना है कि आने वाले समय में इन मुद्दों को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा।
आगामी चुनावों को लेकर सक्रिय हुए राजनीतिक दल
प्रदेश में आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए सभी राजनीतिक दल संगठन को मजबूत करने में जुट गए हैं। नेताओं के दौरे और जनसभाएँ बढ़ गई हैं तथा कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की कवायद शुरू हो चुकी है।