Hindi English Friday, 16 October 2026
BREAKING
• ज्वालामुखी कॉलेज को मिली तीन नई सुविधाएं, विधायक संजय रतन ने किया लोकार्पण • मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉ. ओमेश भारती की अध्यक्षता में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित • सिहोरपाईं स्कूल में NSS शिविर के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम, स्वयंसेवकों ने दिखाई प्रतिभा • अशोक सिंघल का जीवन भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के प्रति समर्पण की प्रेरणाः राज्यपाल • 16 अक्टूबर 2026 का पंचांग: शुक्रवार के शुभ मुहूर्त और राहुकाल • आज ही के दिन दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के विरोध और मानवाधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले डेसमंड टूटू को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की घोषणा हुई। • 16 अक्टूबर 2026 राशिफल: जानें सभी 12 राशियों का भविष्य • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के शासकीय नेतृत्व का भाजपा हिमाचल ने किया अभिनंदन, प्रदेश पदाधिकारी बैठक में सर्वसम्मति से ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित : डॉ. बिंदल • विकसित भारत 2047' के रंग में रंगा धर्मशाला • सीएम सुक्खू ने थपथपाई जाइका स्वयं सहायता समूहों की पीठ

जीवन शैली

More News

धर्मशाला | धर्मकोट और कसोल में रह रहे इज़राइली पर्यटक: एक खास सांस्कृतिक माहौल

Updated on Saturday, March 07, 2026 07:51 AM IST

धर्मशाला/कुल्लू: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के धर्मकोट और कुल्लू जिले के कसोल में बड़ी संख्या में इज़राइल से आने वाले पर्यटक और लंबे समय तक रहने वाले ट्रैवलर्स देखे जाते हैं। पिछले दो दशकों में ये स्थान इज़राइली युवाओं के पसंदीदा पर्यटन स्थलों में शामिल हो गए हैं।

क्यों आते हैं इतने इज़राइली
इज़राइल में सैन्य सेवा पूरी करने के बाद कई युवा दुनिया घूमने निकलते हैं। भारत का हिमालयी क्षेत्र खासकर धर्मकोट और कसोल उन्हें शांत वातावरण, आध्यात्मिक माहौल और सस्ते रहने-खाने की सुविधाओं के कारण आकर्षित करता है।

धर्मकोट को अक्सर “मिनी इज़राइल” भी कहा जाता है क्योंकि यहां कई कैफे, गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट इज़राइली भोजन और हिब्रू भाषा में मेनू उपलब्ध कराते हैं।

खान-पान और कैफे संस्कृति
धर्मकोट और कसोल में कई कैफे इज़राइली भोजन के लिए प्रसिद्ध हैं। यहाँ हुमस, शाक्षुका, फलाफल, पीटा ब्रेड और इज़राइली सलाद आसानी से मिल जाते हैं।

इन कैफे में अक्सर हिब्रू भाषा के बोर्ड और मेनू दिखाई देते हैं। कई जगहों पर इज़राइली संगीत और सांस्कृतिक माहौल भी देखने को मिलता है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव


इज़राइली पर्यटकों की वजह से इन क्षेत्रों में पर्यटन उद्योग को काफी बढ़ावा मिला है। धर्मकोट और कसोल में गेस्ट हाउस, कैफे, ट्रेकिंग गाइड, टैक्सी और अन्य पर्यटन व्यवसाय तेजी से विकसित हुए हैं।

स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिले हैं। कई स्थानीय होटल और रेस्टोरेंट अब खास तौर पर विदेशी पर्यटकों को ध्यान में रखकर सेवाएं दे रहे हैं।

संस्कृति और जीवनशैली
धर्मकोट और कसोल में रहने वाले इज़राइली पर्यटक अक्सर योग, ध्यान, ट्रेकिंग और प्रकृति के करीब रहने वाली जीवनशैली को अपनाते हैं।

पार्वती घाटी में ट्रेकिंग, कैफे में संगीत कार्यक्रम और सांस्कृतिक मेलजोल इस इलाके की खास पहचान बन चुके हैं।

प्रशासन की नजर
हालांकि पर्यटन बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है, लेकिन प्रशासन समय-समय पर कानून व्यवस्था, वीजा नियमों और पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी सख्ती करता है ताकि पर्यटन संतुलित और सुरक्षित बना रहे।

निष्कर्ष
धर्मकोट और कसोल आज अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के महत्वपूर्ण केंद्र बन चुके हैं। यहां आने वाले इज़राइली पर्यटक स्थानीय संस्कृति के साथ मिलकर एक अनोखा वैश्विक माहौल तैयार करते हैं, जो हिमाचल के पर्यटन को नई पहचान देता है।

Have something to say? Post your comment
धर्मशाला में तिब्बती समुदाय का रहन-सहन: परंपरा, संस्कृति और आजीविका का अनोखा संगम

धर्मशाला : धर्मशाला में तिब्बती समुदाय का रहन-सहन: परंपरा, संस्कृति और आजीविका का अनोखा संगम

प्रकृति का चमत्कारी औषधीय पौधा एलोवेरा (घृतकुमारी)

एलोवेरा : प्रकृति का चमत्कारी औषधीय पौधा एलोवेरा (घृतकुमारी)

भारत की रसोई का स्वर्णिम मसाला हल्दी अब वैश्विक स्तर पर सुर्खियों में है।

हल्दी : भारत की रसोई का स्वर्णिम मसाला हल्दी अब वैश्विक स्तर पर सुर्खियों में है।

 दुनिया भर में सबसे लोकप्रिय हर्बल सप्लीमेंट्स में से एक बना

अश्वगंधा : दुनिया भर में सबसे लोकप्रिय हर्बल सप्लीमेंट्स में से एक बना

आयुर्वेद की 'रानी' जड़ी-बूटी अश्वगंधा

अश्वगंधा : आयुर्वेद की 'रानी' जड़ी-बूटी अश्वगंधा

मुलेठी -  प्रकृति की मीठी औषधि

आयुर्वेद : मुलेठी - प्रकृति की मीठी औषधि

 स्त्री तो रोज ही अपमानित होने के लिये बनी है - जीवन में भी और मृत्युपरांत भी

प्रेम : स्त्री तो रोज ही अपमानित होने के लिये बनी है - जीवन में भी और मृत्युपरांत भी

यह कहानी एक ऐसे इंसान की है जिसने प्यार के लिए 6000 किलोमीटर साइकिल चलाकर अपनी जिंदगी बदल दी

कहानी : यह कहानी एक ऐसे इंसान की है जिसने प्यार के लिए 6000 किलोमीटर साइकिल चलाकर अपनी जिंदगी बदल दी

प्रेम दी हट्टी: श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर मीठी सफलता की एक सदी की मेहनत की कहानी कहती है, एक दर्शन जो पीढ़ियों से चला आ रहा हैं

जम्मू कश्मीर : प्रेम दी हट्टी: श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर मीठी सफलता की एक सदी की मेहनत की कहानी कहती है, एक दर्शन जो पीढ़ियों से चला आ रहा हैं

आयुर्वेद ने बदली तमन्ना भाटिया की जिंदगी, बताया क्यों है आज की पीढ़ी को आयुर्वेद की जरूरत

नई दिल्ली : आयुर्वेद ने बदली तमन्ना भाटिया की जिंदगी, बताया क्यों है आज की पीढ़ी को आयुर्वेद की जरूरत

X