अश्वगंधा
नई दिल्ली - आयुर्वेद की 'रानी' जड़ी-बूटी अश्वगंधा (Withania somnifera) इन दिनों वैश्विक स्तर पर सुर्खियों में है। तनाव कम करने से लेकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों तक में इसके संभावित फायदों की नई रिसर्च सामने आ रही है, जबकि भारत में किसानों के लिए यह 'सोने की फसल' बनती जा रही है।
कैंसर रिसर्च में बड़ा ब्रेकथ्रू
19 फरवरी 2026 को अमेरिका के UNC स्कूल ऑफ मेडिसिन और UNC Lineberger कैंसर सेंटर की स्टडी में खुलासा हुआ कि अश्वगंधा से निकला कंपाउंड विथाफेरिन A EBV-पॉजिटिव B-सेल लिम्फोमा (एक आक्रामक कैंसर) में वायरल और कैंसर प्रक्रियाओं को रोकता है। बायोलॉजिकल मॉडल्स में यह ट्यूमर का आकार घटाता है, वायरस लेवल कम करता है और सर्वाइवल बढ़ाता है। यह कीमोथेरेपी के साथ मिलकर कठिन मामलों में नई उम्मीद जगाता है। (Blood जर्नल में प्रकाशित)बायोइंजीनियरिंग से क्रांतिकारी बदलाव
जनवरी 2026 में Northeastern University के वैज्ञानिकों ने अश्वगंधा का जीनोम सीक्वेंस कर 'रिवॉल्यूशनरी' तरीका विकसित किया, जिससे इसके मुख्य कंपाउंड विथेनोलाइड्स की ज्यादा मात्रा बनाई जा सके। इससे सप्लीमेंट्स ज्यादा प्रभावी होंगे और तनाव-स्लीप से आगे अन्य चिकित्सकीय उपयोग संभव हो सकते हैं।
(Nature Plants जर्नल)सुरक्षा पर नई रिपोर्ट्स से राहत
17 फरवरी 2026 को Herbal Reality की अपडेट रिपोर्ट में कहा गया कि यूरोप में कुछ देशों (डेनमार्क बैन, फ्रांस-जर्मनी सावधानी) के बावजूद 2025-2026 की नई स्टडीज (क्लिनिकल ट्रायल्स, AI मॉडलिंग, 12 महीने की लॉन्ग-टर्म स्टडी) अश्वगंधा की सुरक्षा को मजबूत करती हैं। स्वस्थ वयस्कों में लीवर, किडनी या हार्मोन पर कोई नुकसान नहीं पाया गया।
मेंटल हेल्थ पर मेटा-एनालिसिस
2026 की एक बड़ी मेटा-एनालिसिस (22 RCTs, 1391 प्रतिभागी) में पुष्टि हुई कि अश्वगंधा तनाव, चिंता और डिप्रेशन को काफी कम करती है। खुराक बढ़ने के साथ फायदे लीनियर तरीके से बढ़ते हैं।भारत में खेती और किसान समृद्धि राजस्थान बजट 2026-27 में नागौरी अश्वगंधा को GI टैग के बाद एक्सपोर्ट प्रमोशन सेल बनाने की घोषणा, किसानों को वैश्विक बाजार में बड़ा मौका।
मध्य प्रदेश के खंडवा में किसान राकेश पटेल जैसों ने 2 एकड़ में कम लागत से लाखों की कमाई की। जड़ ₹300/kg तक बिक रही, पूरी फसल से अतिरिक्त मुनाफा।
उत्तर प्रदेश में अश्वगंधा मिशन पर चर्चा और टूल किट्स वितरण (22 फरवरी 2026 रिपोर्ट)।
कई इलाकों में किसान धान-गेहूं छोड़ अश्वगंधा की ओर मुड़ रहे, क्योंकि 5-6 महीने में 1-1.5 लाख तक आमदनी संभव।
मार्केट में उछाल
अमेरिका में 2025 में 27% ग्रोथ के साथ $176 मिलियन सेल्स, तनाव-स्लीप सपोर्ट के कारण डिमांड बढ़ रही। भारत में भी वैश्विक मांग (पीएम मोदी ने भी उल्लेख किया) से किसान उत्साहित।
सावधानियां
दुर्लभ लीवर इश्यूज या थायरॉइड प्रभाव की पुरानी रिपोर्ट्स हैं। गर्भवती महिलाएं, थायरॉइड/दवाओं वाले लोग डॉक्टर से सलाह लें। अश्वगंधा आयुर्वेद से आधुनिक विज्ञान तक का सफर तेजी से तय कर रही है – स्वास्थ्य और किसानों दोनों के लिए अच्छी खबर!