भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बुधवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, पौष, शुक्ल, चतुर्थी, सौर पौष मास प्रविष्टे 10, रज्जब 03, हिजरी 1447 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 24 दिसंबर 2025 ई.। सूर्य उत्तरायण, दक्षिण गोल, शिशिर ऋतुः। राहुकाल दोपहर 12 बजे से 01 बजकर 30 मिनट तक।
चतुर्थी तिथि दिन के 01 बजकर 11 मिनट तक उपरांत पंचमी तिथि का आरंभ।
धनिष्ठा नक्षत्र अगले दिन सूर्योदय तक। हर्षण योग सायं 04 बजकर 02 मिनट तक उपरांत वज्र योग का आरंभ। विष्टि करण पूर्वाह्न 11 बजकर 50 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ। चन्द्रमा सायं 07 बजकर 46 मिनट तक मकर उपरांत कुंभ राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार - पंचक आरंभ
सूर्योदय का समय - 7 बजकर 11 मिनट तक।
सूर्यास्त का समय - 5 बजकर 30 मिनट तक।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 22 मिनट से 6 बजकर 16 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 4 मिनट से 2 बजकर 45 मिनट मिनट तक। निशीथ काल रात में 11 बजकर 54 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 5 बजकर 28 मिनट से 5 बजकर 55 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
दोपहर में 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक राहुकाल रहेगा। सुबह में 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 7 बजकर 11 मिनट से 8 बजकर 28 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल दोपहर में 12 बजे से 12 बजकर 41 मिनट तक। पंचक आरंभ शाम में 7 बजकर 46 मिनट से। भद्राकाल का समय सुबह में 7 बजकर 11 मिनट से दोपहर में 1 बजकर 11 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग के नाम से जाना जाता है। पंचांग के माध्यम से समय और काल की सटीक गणना की जाती है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है। ये पांच अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण है। यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदूमास और पक्ष आदि की जानकारी देते हैं।