भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बृहस्पतिवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, मार्गशीर्ष शुक्ल, चतुर्दशी, सौर मार्गशीर्ष मास प्रविष्टे 19, जमादि उल्लावल 12, हिजरी 1447 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 04 दिसम्बर 2025 ई.। सूर्य दक्षिणायन, दक्षिण गोल, हेमन्त ऋतुः। राहुकाल मध्याह्न 01 बजकर 30 मिनट से अपराह्न 03 बजे तक।
चतुर्दशी तिथि प्रातः 08 बजकर 38 मिनट तक उपरांत पूर्णिमा तिथि का आरंभ। कृतिका नक्षत्र अपराह्न 02 बजकर 54 मिनट तक उपरांत रोहिणी नक्षत्र का आरंभ। शिव योग मध्याह्न 12 बजकर 34 मिनट तक उपरांत सिद्धि योग का आरंभ। वणिज करण प्रातः 08 बजकर 38 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात वृष राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार - सत्यनारायण व्रत (मार्गशीर्ष पूर्णिमा), दत्तात्रेय जयंती।
सूर्योदय का समय - 6 बजकर 58 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - 5 बजकर 24 मिनट तक।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 10 मिनट से 6 बजकर 4 मिनट से। विजय मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 56 मिनट तक इसके बाद 2 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल रात में 11 बजकर 45 मिनट से 12 बजकर 39 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 5 बजकर 21 मिनट से 5 बजकर 49 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
दोपहर में 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक राहुकाल रहेगा। सुबह में 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 6 बजकर 58 मिनट से 8 बजकर 16 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 10 बजकर 27 मिनट से 6 बजकर 04 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग के नाम से जाना जाता है। पंचांग के माध्यम से समय और काल की सटीक गणना की जाती है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है। ये पांच अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण है। यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदूमास और पक्ष आदि की जानकारी देते हैं।