भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, मार्गशीर्ष शुक्ल, अष्टमी, सौर मार्गशीर्ष मास प्रविष्टे 13, जमादि उल आखिर 06, हिजरी 1447 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 28 नवम्बर 2025 ई.। सूर्य दक्षिणायण, दक्षिण गोल, हेमन्त ऋतुः। राहुकाल प्रातः 10 बजकर 30 मिनट से मध्याह्न 12 बजे तक।
अष्टमी तिथि रात्रि 12 बजकर 16 मिनट तक उपरांत नवमी तिथि का आरंभ। शतभिषा नक्षत्र अर्धरात्रोत्तर 02 बजकर 49 मिनट तक उपरांत पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का आरंभ। घात योग दिन के 11 बजकर 05 मिनट तक उपरांत हर्षण योग का आरंभ। विष्टि करण मध्याह्न 12 बजकर 28 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात कुंभ राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार - श्री दुर्गाष्टमी।
सूर्योदय का समय - 6 बजकर 54 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - 5 बजकर 24 मिनट तक।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 06 मिनट से 6 बजे तक। विजय मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 54 मिनट तक इसके बाद 2 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल रात में 11 बजकर 42 मिनट से 12 बजकर 36 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 5 बजकर 21 मिनट से 5 बजकर 49 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
सुबह में 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक राहुकाल रहेगा। सुबह में 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक गुलिक काल रहेगा।दोपहर में 3 बजकर 30 मिनट से 4 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 8 बजकर 13 मिनट से 9 बजकर 32 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 9 बजे से 09 बजकर 42 मिनट तक। भद्राकाल का समय सुबह में 6 बजकर 54 मिनट से 12 बजकर 28 मिनट तक। पंचक पूरे दिन रहेगा।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग के नाम से जाना जाता है। पंचांग के माध्यम से समय और काल की सटीक गणना की जाती है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है। ये पांच अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण है। यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदूमास और पक्ष आदि की जानकारी देते हैं।