भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, मार्गशीर्ष कृष्ण दशमी, सौर कार्तिक मास प्रविष्टे 29, जमादि उल्लावल 22, हिजरी 1447 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 14 नवम्बर 2025 ई.। सूर्य दक्षिणायण, दक्षिण गोल, हेमन्त ऋतुः। राहूकाल प्रातः 10 बजकर 30 मिनट से मध्याह्न 12 बजे तक।
दशमी तिथि अर्धरात्रोत्तर 12 बजकर 50 मिनट तक उपरांत एकादशी तिथि का आरंभ, पूर्वाफाल्गुन नक्षत्र रात्रि 09 बजकर 20 मिनट उपरांत उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का आरंभ, वैघृति योग अर्धरात्रोत्तर अगले दिन सूर्योदय तक, वणिज करण दोपहर 12 बजकर 08 मिनट तक उपरांत बव करण का आरंभ, चन्द्रमा अर्धरात्रोत्तर 09 बजकर 51 मिनट तक सिंह उपरांत कन्या राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार जवाहरलाल नेहरू जयंती बाल दिवस।
सूर्योदय का समय 14 नवंबर 2025 : सुबह में 6 बजकर 43 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय 14 नवंबर 2025 : शाम में 5 बजकर 28 मिनट तक।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 57 मिनट से सुबह 5 बजकर 50 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 53 मिनट तक इसके बाद 2 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल रात में 11 बजकर 39 मिनट से 12 बजकर 32 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 5 बजकर 28 मिनट से 5 बजकर 54 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
सुबह में 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक राहुकाल रहेगा। सुबह में 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक गुलिक काल रहेगा। दोपहर में 3 बजकर 30 मिनट से 4 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 8 बजकर 4 मिनट से 9 बजकर 24 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 8 बजकर 52 मिनट से 9 बजकर 35 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग के नाम से जाना जाता है। पंचांग के माध्यम से समय और काल की सटीक गणना की जाती है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है। ये पांच अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण है। यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदूमास और पक्ष आदि की जानकारी देते हैं।