भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बृहस्पतिवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, कार्तिक, कृष्ण, दशमी, सौर आश्विन मास प्रविष्टे 31, रवि उस्सानी 23, हिजरी 1447 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 16 अक्टूबर 2025 ई.। सूर्य दक्षिणायण, दक्षिण गोल, शरद ऋतुः। राहूकाल मध्याह्न 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजे तक।
दशमी तिथि प्रातः 10 जकर 36 मिनट तक उपरांत एकादशी तिथि का आरंभ। आश्लेषा नक्षत्र 12 बजकर 42 मिनट तक उपरांत मघा नक्षत्र का आरंभ। शुभ योग अर्धरात्रोत्तर 02 बजकर 16 मिनट तक उपरांत शुक्ल योग का आरंभ। विष्टि करण पूर्वाह्न 10 बजकर 36 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ। चन्द्रमा मध्याह्न 12 बजकर 42 मिनट तक कर्क उपरांत सिंह राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार- उचयविशाखा में बुध।
सूर्योदय का समय - 6 बजकर 22 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - 5 बजकर 50 मिनट तक।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 42 मिनट से सुबह 5 बजकर 32 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 1 मिनट से 2 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल रात में 11 बजकर 42 मिनट से 12 बजकर 32 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 5 बजकर 50 मिनट से 6 बजकर 15 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
दोपहर में 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक राहुकाल रहेगा। दोपहर 9 बजे से 10 बजकर 30 तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 6 बजकर 22 मिनट से 7 बजकर 48 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 10 बजकर 12 मिनट से 10 बजकर 58 मिनट तक। भद्राकाल का समय सुबह में 6 बजकर 22 मिनट से 10 बजकर 35 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।