आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 10 अक्टूबर का पंचांग
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, कार्तिक, कृष्ण, चतुर्थी, सौर आश्विन मास प्रविष्टे 25, रवि उस्सानी 17, हिजरी 1447 (मुस्लिम) तदनुसार अंगे्रजी तारीख 10 अक्टूबर सन् 2025 ई॰। सूर्य दक्षिणायण, दक्षिण गोल, शरद ऋतुः। राहूकाल प्रातः 10 बजकर 30 मिनट से मध्याह्न 12 बजे तक।
चतुर्थी तिथि रात्रि 08 बजकर 03 मिनट तक उपरांत पंचमी तिथि का आरंभ। कृतिका नक्षत्र सायं 05 बजकर 31 मिनट तक उपरांत रोहिणी नक्षत्र का आरंभ। सिद्धि योग सायं 05 बजकर 41 मिनट तक उपरांत व्यतीपात का आरंभ। बव करण प्रातः 09 बजकर 15 मिनट तक उपरांत तैतिल करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात अपनी उच्च राशि वृष पर संचार करेगा।
आज के व्रत एवं त्योहार - करक (करवा चैथ व्रत) चतुर्थी।
सूर्योदय का समय - 6 बजकर 19 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - 5 बजकर 57 मिनट तक।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 40 मिनट से सुबह 5 बजकर 30 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 4 मिनट से 2 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल रात में 11 बजकर 43 मिनट से 12 बजकर 33 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 5 बजकर 57 मिनट से 6 बजकर 22 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
सुबह में 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक राहुकाल रहेगा। सुबह में 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक गुलिक काल रहेगा। दोपहर में 3 बजकर 30 मिनट से 4 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 9 बजकर 14 मिनट से 10 बजकर 41 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल दोपहर में 8 बजकर 38 मिनट से 9 बजकर 25 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।