भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज रविवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, भाद्रपद शुक्ल, पूर्णिमा, रविवार, विक्रम संवत 2082। सौर भाद्रपद मास प्रविष्टे 23, रवि उल्लाल 14, हिजरी 1447 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 07 सितम्बर सन् 2025 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, शरद ऋतुः। राहुकाल सायं 04 बजकर 30 मिनट से 06 बजे तक। पूर्णिमा तिथि रात्रि 11 बजकर 39 मिनट तक उपरांत प्रतिपदा तिथि का आरंभ।
शतभिषा नक्षत्र रात्रि 09 बजकर 4 मिनट तक उपरांत पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का आरंभ। सुकर्मा योग प्रातः 09 बजकर 27 मिनट तक उपरांत धृतिमान योग का आरंभ। विष्टि करण मध्याह्न 12 बजकर 37 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात कुंभ राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार सत्य नारायण व्रत, प्रोष्टपदी पूर्णिमा का श्राद्ध, महालयारंभ, चन्द्र ग्रहण रात्रि 09 बजकर 27 मिनट से 01 बजकर 26 मिनट तक।
सूर्योदय का समय - 6 बजकर 2 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - 6 बजकर 36 मिनट तक।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 31 मिनट से सुबह 5 बजकर 16 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 24 मिनट से 3 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। निशीथ काल रात में 11 बजकर 56 मिनट से 12 बजकर 42 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 6 बजकर 36 मिनट से 6 बजकर 59 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
शाम में 4 बजकर 30 मिनट से 6 बजे तक राहुकाल रहेगा। दोपहर में 3 बजकर 30 मिनट से 4 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। दोपहर में 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 9 बजकर 11 मिनट से 10 बजकर 45 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल शाम में 4 बजकर 55 मिनट से 5 बजकर 45 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।